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क्या सच में नेहरु की वजह से 1954 के कुंभ में हुआ था भयानक हादसा? सैकड़ों लोगों की हो गई थी मौत

Sat, 02 Feb 2019 02:08 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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1954 kumbh - फोटो : Facebook
कुंभ के दौरान करोड़ों लोग प्रयागराज (इलाहाबाद) के संगम क्षेत्र में जमा होते हैं और पवित्र गंगा में स्नान कर अपने पापों से मुक्ति पाते हैं। एक जगह पर इतने लोगों के जमा होने के बावजूद कुंभ में कोई भी दुर्घटना नहीं होती। लेकिन हम आपको बता दें कि 65 साल पहले यानी 1954 में कुंभ में ऐसी भयानक दुर्घटना हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे। 
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1954 kumbh - फोटो : Facebook
1954 का कुंभ कई मायनों में याद किया जाता है। पहला ये कि देश की आजादी के बाद ये पहला कुंभ मेला था और दूसरा यहां मची भगदड़ की वजह से। मीडिया में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1954 के कुंभ में शाही स्नान के लिए जाते समय ऐसी भगदड़ मची थी, जिसमें करीब 800 लोग मारे गए थे, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हुआ था कि लोगों के बीच ऐसी जानलेवा भगदड़ मच गई थी? तो चलिए हम आपको इसकी वजह भी बता देते हैं। 
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1954 kumbh - फोटो : Facebook
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चूंकि उस समय कुंभ मेला काफी कम क्षेत्र में फैला हुआ था और लोगों के स्नान के लिए घाट भी बहुत कम थे। शायद इसलिए एक ही जगह पर बहुत सारे लोग जमा हो गए होंगे और किसी कारणवश वहां भगदड़ मच गई होगी। लेकिन अब मेले का क्षेत्र बहुत बढ़ गया है और घाट भी कई हैं, जिसके कारण भीड़ बंट जाती है। इसलिए लोगों को स्नान के लिए काफी जगह मिल जाती है।  

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1954 kumbh - फोटो : Facebook
वैसे कहते हैं कि 1954 के कुंभ मेले में एक हाथी भड़क गया था, जिसके कारण भगदड़ हुई थी। इसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। उस हादसे के बाद से मेले में हाथियों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
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1954 kumbh - फोटो : Facebook
बीबीसी ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा है, कहते हैं कि 1954 में प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु कुंभ में शाही स्नान के दौरान आए थे और संभवत इसी के कारण भगदड़ मची थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके बाद जवाहरलाल नेहरु ने अपील की थी कि कोई भी नेता शाही स्नान के दिन कुंभ न जाए। आज भी सरकार के अधिकारी कुंभ में ऐसी ही अपील करते हैं। यही कारण है कि कोई भी नेता अब शाही स्नान के दिन संगम नहीं जाता।  
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1954 kumbh - फोटो : Facebook
अब कुंभ में हाथी के भड़कने की बात हो या जवाहरलाल नेहरु के शाही स्नान के दौरान आने की, ये बातें कितनी सही हैं, ये कहना मुश्किल है। लेकिन अब यहां पर कोई भी ऐसी घटना नहीं होती, ये खुशी की बात जरूर है। 
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