फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meteor Storm: इस दिन धरती से टकरा सकता है उल्कापिंडों का तूफान, 20 साल में पहली बार होगा ऐसा

Sun, 08 May 2022 02:14 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
धरती से टकरा सकता है उल्कापिंडों का तूफान - फोटो : iStock
Meteor Storm: कई रहस्यों से अतंरिक्ष भरा पड़ा है जहां हर दिन कोई न कोई घटना घटती होती रहती है। इनमें कई ऐसी घटनाएं होती हैं जिनसे धरती को खतरा होता है। अब एक बार फिर अंतरिक्ष में एक ऐसी घटना होने जा रही है जिसका असर धरती पर पड़ सकता है। धरती पर इस खतरे की वजह महीने के आखिरी में आने वाला उल्कापिंडों का तूफान है। 

दरअसर मई महीने के आखिरी में 30 या 31 तीराख को धरती पर उल्कापिंडों का तूफान आ सकता है। वैज्ञानिक इसको लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि उल्कापिंडों का तूफान आएगा या बारिश होगी यह अभी तय नहीं है। वैज्ञानिकों ने कहा कि यह आसानी से पता किया जा सकता है कि उल्कापिंड कब आ रहे हैं, लेकिन बीच रास्ते में उनकी दिशा और दशा बदल जाती है। इसलिए अभी कुछ भी बता पाना मुश्किल है। आइए जानते हैं धरती पर आने वाले उल्कापिंडों के तूफान के बारे में...
विज्ञापन

2 of 6
धरती से टकरा सकता है उल्कापिंडों का तूफान - फोटो : iStock

वैज्ञानिकों ने इस उल्कापिंडों के तूफान को ताउ हर्क्यूलिड्स नाम दिया है। जापान के शहर क्योटो स्थित क्वासान ऑब्जरवेटरी ने मई 1930 में इस तूफान को देखा था। सिर्फ उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में रहने वाले लोग ही इस तूफान को देख पाएंगे। 
विज्ञापन

3 of 6
धरती से टकरा सकता है उल्कापिंडों का तूफान - फोटो : iStock
उल्कापिंडों के तूफान को तभी देखा जा सकता है आसमान में जब गहरा अंधेरा होगा और विजन बिल्कुल साफ हो। मतलब आसमान में किसी प्रकार का प्रदूषण नहीं हो। अगर ऐसा होता है, तो 30 मई और 31 मई की रात में आसमान में उल्कापिंडों की बारिश को देखा जा सकता है।

4 of 6
धरती से टकरा सकता है उल्कापिंडों का तूफान - फोटो : iStock
30 मई और 31 मई की रात में  उल्कापिंडों के तूफान के अलावा आसामान में तेज रोशनी वाले कुछ फ्लैश भी देख जा सकते हैं। इस नजारे को इस हफ्ते भी देखा सकता है, लेकिन यह सिर्फ उल्कापिंडों की बारिश है। इस हफ्ते दिखाई देने वाले उल्कापिंडों का नाम एटा एक्वेरिड्स है। हालांकि अगले साल इन्हें देखना दिलचस्प होगा, क्योंकि तब आसामान में ज्यादा संख्या में दिखाई देंगे। 
विज्ञापन

5 of 6
धरती से टकरा सकता है उल्कापिंडों का तूफान - फोटो : iStock
जेनिथ ऑवर्ली रेट से मीटियोर शॉवर को मापा जाता है। 100 ZHR प्वाइंट पर होने वाली उल्कापिंडों की बारिश को सबसे ज्यादा अच्छा माना जाता है। बहुत दुर्लभ होता है जब इनकी संख्या 1000 के पार जाती है। अगर 1000 या उससे ऊपर इनकी संख्या जाती है, तो उसे उल्कापिंडों का तूफान कहा जाता है। इससे पहले साल 2001/2002 में उल्कापिंडों का लियोनिड तूफान आया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
धरती से टकरा सकता है उल्कापिंडों का तूफान - फोटो : iStock

वैज्ञानिकों के मुताबिक, साल 1833 में सबसे भयानक लियोनिड तूफान आया था। इस तूफान की एक पेटिंग देखने को मिलती है। इसमें दिखता है कि एक गांव में लोग खड़े हैं और उनके ऊपर उल्कापिंडों के तूफान को दिखाया गया है। धरती के वायुमंडल से अंतरिक्षीय धूल और पत्थर के टकराने पर उल्कापिंडों का नजारा दिखता है। जब जलते हैं तो लगता है कि उल्कापिंडों की बारिश (आतिशबाजी) हो रही है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें