किम जोंग उन
- फोटो : सोशल मीडिया
शोकसभाओं में रोना किम परिवार के लिए उनकी वफादारी का भी सबूत था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये शोकसभाएं 10 दिनों तक चलीं, जिसमें युवा, बच्चे, बूढ़े, औरत-मर्द सबके लिए रोना अनिवार्य था। इतना ही नहीं इन शोकसभाओं के दौरान ये नोट किया गया कि कौन-कौन उतनी ठीक तरह से नहीं रो रहा था। इसे किम परिवार के प्रति वफादारी में कमी माना गया।शोकसभाओं में रोना किम परिवार के लिए उनकी वफादारी का भी सबूत था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये शोकसभाएं 10 दिनों तक चलीं, जिसमें युवा, बच्चे, बूढ़े, औरत-मर्द सबके लिए रोना अनिवार्य था। इतना ही नहीं इन शोकसभाओं के दौरान ये नोट किया गया कि कौन-कौन उतनी ठीक तरह से नहीं रो रहा था। इसे किम परिवार के प्रति वफादारी में कमी माना गया।