फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इटली के इस गांव में महज 80 रुपये में मिल रहा है घर, जानें वजह

Wed, 02 Oct 2019 06:59 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
इटली में जा कर रहना कई लोगों का सपना हो सकता है। अब इटली के द्वीप सिसिली की एक नगर परिषद विदेशियों की वहां बसने में मदद कर रही। और ये सब बेहद मामूली कीमत पर किया जा रहा है। इस खास गांव में बसने की कीमत है एक यूरो यानी करीब 80 रुपये। सिसिली के ग्रामीण इलाके के एक गांव संबूका के अधिकारियों ने 2019 में लगातार कम होती आबादी की समस्या से निपटने के लिए एक खास योजना की घोषणा की। उन्होंने तय किया कि गांव में खाली पड़े पुराने खस्ताहाल मकानों को मात्र एक यूरो यानि लगभग अस्सी रुपये में बेच दिया जाए।
विज्ञापन

2 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
यूरोप के कई छोटे कस्बों और गांवों की तरह संबूका में भी समय के साथ आबादी बहुत कम होती गयी है और फिलहाल इस गांव की आबादी मात्र 5,800 है क्योंकि यहां के स्थानीय लोग या तो नजदीकी शहरों या फिर विदेशों में बसने चले गए हैं। इसलिए संबूका की नगर परिषद ने पुराने खाली पड़े मकान खरीद कर दुनिया भर के लोगों को यह मकान कम कीमत पर बेचने का फैसला किया है ताकि नए लोगों को यहां बसने के लिए आकर्षित किया जा सके। नतीजतन दुनिया के दूसरे इलाकों और समुदाय के लोगों को यहां आकर अपने सपनों का घर बसाने का अवसर मिला।
विज्ञापन

3 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
संबूका के महापौर लियोनार्डो सिकासियो कहते हैं, "पहले नगर परिषद ने कानूनी कार्यवाही पूरी करके यह मकान खरीदे। उसके बाद पहले 16 मकान नीलाम किए गए। यह सभी मकान विदेशियों ने खरीदे। यह योजना सफल हुई। दुनिया भर से कई कलाकारों ने इसमें रुचि दिखाई और संबूका आकर बसने लगे।" संबूका के उप महापौर और आर्किटेक्ट ज्यूसेप कैसियोपो कहते हैं, "जिन लोगों ने ये मकान खरीदे हैं उनमें कई संगीत और नृत्य कलाकार हैं, पत्रकार और लेखक हैं और यह अच्छी अभिरुचि वाले लोग हैं। वो यहां के प्राकृतिक सौंदर्य को सराह सकते हैं।"

4 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
संबूका की एक निवासी मारिसा मोंटलबानो कहती हैं, "विश्व भर के लोगों ने हमारे गांव और हमारी संस्कृति में रुचि दिखाई। अब तक 60 मकान बेचे जा चुके हैं।" यहां इतनी सस्ती कीमत पर मकान खरीदने की बस एक शर्त यह है कि नये खरीददार मकान की मरम्मत करवाने में पैसे लगाएं। मरम्मत करवाने में मकान के खरीदार के काफ़ी पैसे लग सकते हैं और उन्हें ये काम करवाने के लिए तीन वर्ष का समय दिया जाता है।
विज्ञापन

5 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : shutterstock
'एक यूरो' के मकान की इस योजना के चलते संबूका रातों रात दुनिया में मशहूर हो गया। योजना की शुरुआत के बाद से अब तक 40 मकान बाजार की सामान्य कीमतों पर बिक चुके हैं। संबूका में मकान खरीदने वालों में सिर्फ विदेशी ही नहीं बल्कि इटली के आप्रवासी भी शामिल हैं। इन्हीं में एक हैं ग्लोरिया ओरिजी जो पहले इटली के मिलान शहर में रहती थीं लेकिन फिर पेरिस जा कर बस गईं।

संबुका में मकान खरीदने के फैसले के बारे में वो कहती हैं, "मैं कई साल फ्रांस में रही मगर हमेशा ही मेरी इच्छा थी कि इटली में मेरा एक घर हो। संबूका के बारे में मुझे सबसे ज़्यादा अच्छी लगी यहां की खूबसूरती, यहां के लोगों की आत्मीयता जो और जगह कम देखने को मिलती है। यहां लोग खुले दिल के हैं और इसलिए मैने यहां मकान खरीदने का फैसला किया।"
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social Media
मारिसा मोंटलबानो भी संबूका की नई निवासी हैं। वो कहती हैं, "मैं बचपन में अपने माता-पिता के साथ अमरीका चली गई थी। मैं 11 साल शिकागो में रही। उसके बाद जब संबूका लौटी तो शुरुआत मे यहां रहने में कुछ दिक्कते आईं। लेकिन फिर मैंने पाया कि यहां की सुंदरता और जीवनशैली सचमुच बेहतर है।"

संबूका के महापौर लियोनार्डो सिकासियो इस बात से काफी खुश हैं कि यहां के खाली पड़े मकानों में अब फिर से जीवन फलफूल रहा है। संबूका की इस योजना की सफलता से इटली के दूसरे ऐसे गांव भी प्रेरित हुए हैं जहां आबादी घटती जा रही है। वो भी इस प्रकार की योजना शुरू करने के बारे में विचार कर रहे हैं। मगर इस योजना की सफलता इस बात पर भी निर्भर करती है कि क्या विदेशियों के साथ-साथ इतालवी आप्रवासी भी इससे आकर्षित हो कर स्वदेश लौटने का मन बनाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें