ISRO BARC Nuclear Engines Rockets: हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने चंद्रयान-3 को लॉन्च कर दिया है, जिसकी चर्चा दुनियाभर में हो रही है। वहीं अब एक और कमाल की खबर सामने आई है। पीएसएलवी की शानदार सफलता के बाद इसरो ने अब नासा और चीन को टक्कर देते हुए मंगल तक का सफर तय करने की तैयारी शुरू कर दी है। परमाणु ऊर्जा से चलने वाले रॉकेट के लिए इंजन को बनाने के लिए इसरो ने देश की अग्रणी परमाणु एजेंसी भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर (BARC) के साथ हाथ मिलाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि केमिकल से चलने वाले इंजन कुछ हद तक ही काम आते हैं, लेकिन अगर एक स्पेसक्राफ्ट को एक ग्रह से दूसरे ग्रह तक की यात्रा करनी हो या अनंत अंतरिक्ष में भेजना हो तो परमाणु ऊर्जा से चलने वाले यान ही कारगर साबित होते हैं।
रिपोर्ट्स की मानें तो केमिकल से चलने वाले रॉकेट में अधिक ईंधन नहीं भरा जा सकता है, जिसकी वजह से वह अंतरिक्ष में लंबी दूरी तय नहीं कर पाता है।