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Mossad: मोसाद ने पाकिस्तान के इस्लामिक परमाणु बम की ऐसे खोली थी पोल, पूरी कहानी जानकर नहीं होगा यकीन

Wed, 02 Apr 2025 02:43 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Mossad: इस्राइल की तरफ से पाकिस्तान को परमाणु ताकत बनने से रोकने के लिए हर तरह की कोशिश की गई थी। इस्राइल को डर था कि परमाणु बम वाला पाकिस्तान पहला इस्लामिक देश बन सकता है। 
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मोसाद ने पाकिस्तान के इस्लामिक परमाणु बम की ऐसे खोली थी पोल - फोटो : Adobe Stock
Israeli Spy Agency Mossad: जब से इस्राइल आजाद देश बना है, तब से ही इस्लामिक देशों के साथ उसके रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं। मुस्लिम देशों की आंखों में इस्राइल चुभता है। इसके पीछे की वजह फिलिस्तीन का मुद्दा है। हालांकि, समय के साथ इस्राइल के संबंध कई मुस्लिम देशों से सुधरा है, लेकिन अभी भी कई देशों ने इस्राइल को मान्यता नहीं दी है। इन देशों में पाकिस्तान का नाम भी शामिल है। पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम पर इस्राइल ने रोक लगाने की भी कोशिश की थी। इस्राइली खुफिया एजेंसी मोसाद ने यह कोशिश की थी। एक रिपोर्ट में कुछ साल पहले इस बात का खुलासा किया गया था। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है? 

एक मीडिया रिपोर्ट में एक अखबार की पुरानी रिपोर्ट के आधार पर कहा गया है कि इस्राइल की तरफ से पाकिस्तान को परमाणु ताकत बनने से रोकने के लिए हर तरह की कोशिश की गई थी। इस्राइल को डर था कि परमाणु बम वाला पाकिस्तान पहला इस्लामिक देश बन सकता है। इस्राइल ने इससे खतरा महसूस किया। ऐसे में इस्राइल 1980 के दशक में पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम में मदद कर रही जर्मन और स्विस कंपनियों पर बम गिराए और उन्हें धमकियां भी दीं।

 
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मोसाद ने पाकिस्तान के इस्लामिक परमाणु बम की ऐसे खोली थी पोल - फोटो : Adobe Stock
1970 के दशक में पाकिस्तान की तरफ से परमाणु कार्यक्रम पर जोर दिया गया। जुल्फिकार अली भुट्टो और जियाउल हक परमाणु हथियारों को मुस्लिम दुनिया में अपनी स्थिति सुधारने का तरीका मानते थे। पाकिस्तान ने उस समय अपने परमाणु हथियारों को इस्लामी बम करार दिया था। 
 
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मोसाद ने पाकिस्तान के इस्लामिक परमाणु बम की ऐसे खोली थी पोल - फोटो : Adobe Stock
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 1980 के दशक में पाकिस्तान और ईरान ने परमाणु हथियार बनाने के लिए मिलकर काम किया था। स्विस इतिहासकार एड्रियन हैंनी ने कहा कि मोसाद ने इसमें मदद कर रही स्विस और जर्मन कंपनियों पर बमबारी की थी। इजराइल नहीं चाहता था कि पाकिस्तान और ईरान के साथ मिलकर परमाणु हथियार बनाए।

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मोसाद ने पाकिस्तान के इस्लामिक परमाणु बम की ऐसे खोली थी पोल - फोटो : Adobe Stock
पाकिस्तान को कैसे मिली परमाणु हथियार बनाने की तकनीक?

अब्दुल कदीर खान को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। उन्होंने 1980 के दशक में पश्चिमी संस्थानों और कंपनियों से परमाणु हथियार बनाने की तकनीक और डिजाइन हासिल करने के लिए कई बार यूरोप गए थे। अब्दुल कदीर खान साल 1987 में स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख के एक होटल में ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी।  खान की टीम स्विट्जरलैंड में दो जर्मन इंजीनियरों से भी मुलाकात की थी। बाद में यह इंजीनियर हमलों का शिकार हुए। इस हमले की मोसाद पर शक की सुई पहुंची।

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मोसाद ने पाकिस्तान के इस्लामिक परमाणु बम की ऐसे खोली थी पोल - फोटो : Adobe Stock
मोसाद पर लगे ये आरोप

स्विट्जरलैंड और जर्मनी में पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम में शामिल कंपनियों और इंजीनियरों को निशाना बनाया गया है। इसका शक मोसाद के एंजेंटो पर गया। अज्ञात हमलावरों ने बॉन और बर्न में तीन कंपनियों पर विस्फोट से हमले किए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हमलों के साथ-साथ कई फोन कॉल भी किए गए। इन हमलों का हवाला देते हुए दूसरे वैज्ञानिकों को डराया गया। हालांकि, एजेंसी को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने में कामयाबी नहीं मिल पाई। 
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