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New Study: टूट रहा है भारतीय उपमहाद्वीप, बार-बार आ सकते हैं विनाशकारी भूकंप, नई स्टडी में डराने वाला खुलासा

Mon, 14 Apr 2025 01:27 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

New Study: दुनिया में आने प्राकृतिक आपदाओं को लेकर वैज्ञानिकों की तरफ से अक्सर चेतावनी दी जाती है। अब उन्होंने भारत के भूगर्भीय भविष्य को लेकर की गई एक गंभीर अलर्ट जारी किया है। भूवैज्ञानिकों की तरफ से संकेत दिया गया है कि भारतीय प्लेट दो भागों में बंट रही है।
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टूट रहा है भारतीय उपमहाद्वीप - फोटो : Adobe Stock
New Study: दुनिया में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं को लेकर वैज्ञानिकों की तरफ से अक्सर चेतावनी दी जाती है। अब उन्होंने भारत के भूगर्भीय भविष्य को लेकर की गई एक गंभीर अलर्ट जारी किया है। भूवैज्ञानिकों की तरफ से संकेत दिया गया है कि भारतीय प्लेट दो भागों में बंट रही है। यह इस इलाके के भूवैज्ञानिक स्थिति को हमेशा के लिए एक नया आकार दे सकती है। अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन में एक लेख प्रकाशित किया गया है, जिसमें इस अहम खोज के बारे में जानकारी दी गई है। 

इसमें बताया गया है कि इस भूभाग में प्लेट अलग हो रही है और पृथ्वी के मेंटल में समा रही है। इस अध्ययन रिपोर्ट में भारतीय उपमहाद्वीप में आने वाले भूकंप और खतरों के बारे में कई बेहद जरूरी जानकारियां दी गई हैं। इस अध्ययन के मुताबिक, जिस भारतीय प्लेट की करीब 60 मिलियन सालों से यूरेशियन प्लेट से टक्कर हो रही है, वो एक नई प्रक्रिया से गुजर रही है। इस प्रक्रिया को डेलैमिनेशन कहा जाता है।
 
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टूट रहा है भारतीय उपमहाद्वीप - फोटो : Adobe Stock
इस प्रक्रिया के दौरान प्लेट का घना निचला भाग पृथ्वी के मेंटल में समा रहा है। इससे प्लेट के अंदर एक लंबवत दरार बन रही है। वैज्ञानिकों ने तिब्बती झरनों में भूकंप की तरंगों और हीलियम समस्थानिकों का विश्लेषण किया, जिसके बाद इस घटना की जानकारी मिली। इससे प्लेट में एक ऊर्ध्वाधर दरार की जानकारी मिली है। इस बारे में वैज्ञानिकों को पहले पता नहीं चल पाया था। 
 
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टूट रहा है भारतीय उपमहाद्वीप - फोटो : Adobe Stock
पृथ्वी के भीतर छिपा है खतरा

डेलैमिनेशन एक तरह की भूगर्भीय प्रक्रिया है। इसमें टेक्टोनिक प्लेट का निचला हिस्सा अलग हो जाता है और मेंटल में समा जाता है। इस प्रक्रिया से प्लेट की स्थिरता प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही क्षेत्र में भूकंप की संभावना बढ़ सकती है। यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के भूगर्भशास्त्री डौवे वैन हिंसबर्गेन ने बताया कि हम इस बारे में नहीं जानते थे कि महाद्वीप ऐसे व्यवहार कर सकते हैं। यह ठोस पृथ्वी विज्ञान के लिए बहुत ही मौलिक है। 

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टूट रहा है भारतीय उपमहाद्वीप - फोटो : Adobe Stock
उनका कहना है कि यह खोज इसलिए अहम है, क्योंकि यह बताती है कि न सिर्फ प्लेट की सतह की अलग-अलग मोटाई और विशेषताएं हैं, बल्कि टेक्टोनिक शिफ्ट को ऑपरेट करने वाली अंदरूनी प्रक्रियाएं पहले से जानकारी की तुलना में कहीं अधिक जल्दी से बदल रही हैं, जिसे समझना बेहद मुश्किल है।

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टूट रहा है भारतीय उपमहाद्वीप - फोटो : Adobe Stock
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के भूभौतिकीविद् साइमन क्लेम्परर ने बताया कि हिमालय टकराव क्षेत्र जैसे हाई कंप्रेशन वाले इलाकों में टेक्टोनिक प्लेटें अक्सर कई दरारें दिखाती हैं, जिससे पृथ्वी की पपड़ी में तनाव निर्माण प्रभावित हो सकता है। इससे भूकंप का खतरा बढ़ जाता है।

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टूट रहा है भारतीय उपमहाद्वीप - फोटो : Adobe Stock
हिमालय क्षेत्र पहले से ही भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है। डेलैमिनेशन की प्रक्रिया से इस इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। इससे अधिक तीव्र और बार-बार भूकंप आ सकते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस प्रक्रिया से तिब्बती पठार में गहराई से दरारें बन सकती हैं। हालांकि, यह खोज बेहद अहम है, लेकिन वैज्ञानिकों ने कहा कि अभी यह सिर्फ एक शुरुआती संकेत है। उनका कहना है कि अभी और शोध की आवश्यकता है, जिससे लंबे समय तक पड़ने वाले प्रभावों को हम समझ सकें। 
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