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Heatwave: प्रचंड गर्मी पर UN की सबसे बड़ी चेतावनी, 5 साल में ऐसा होगा मौसम, भारत पर क्या होगा असर?

Thu, 28 May 2026 08:22 PM IST
Dharmendra Kumar Singh फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

UN New Report on Heatwave:  संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में गर्मी को लेकर चेतावनी दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले पांच साल और अधिक गर्म होंगे। 
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प्रचंड गर्मी पर UN की सबसे बड़ी चेतावनी - फोटो : AI
UN New Report on Heatwave: भारत समेत दुनिया के ज्यादातर देश इन दिनों भीषण गर्मी का सामना कर रहे हैं। अब इस बीच संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट सामने आई, जिसमें दुनिया को एक बार फिर चेतवानी दी गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आने पांच वर्षों (2026 से 2030) में धरती का तापमान और भी तेजी से बढ़ेगा और गर्मी के नए रिकॉर्ड बनेंगे। विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की इस रिपोर्ट से पता चलता है कि इंसानी गतिविधियों के कारण निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों की वजह से मौसम चरम रूप धारण कर रहा है।

 पेरिस समझौते में दुनिया ने तय किया था कि धरती के औसत तापमान को पूर्व-औद्योगिक काल की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं बढ़ने दिया जाएगा। लेकिन विश्व मौसम विज्ञान संगठन की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 से 2030 के बीच 75 फीसदी संभावना है कि 5 साल का औसत तापमान 1.5 डिग्री से ऊपर ऊपर पहुंच जाएगा। 

रिपोर्ट के मुताबिक, 91 फीसदी संभावना है कि इन पांच वर्षों में कम से कम एक साल 1.5 डिग्री की सीमा को पार कर देगा। 86 फीसदी संभावना है कि इनमें से कोई एक साल 2024 की गर्मी का रिकॉर्ड तोड़ेगा। इसका मतलब है आने वाले वर्ष और भी ज्यादा गर्म होंगे। 
 
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प्रचंड गर्मी पर UN की सबसे बड़ी चेतावनी - फोटो : Adobe Stock
तेजी से गर्म हो रहा आर्कटिक क्षेत्र 

इस रिपोर्ट में सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाली बात यह है कि आर्कटिक क्षेत्र का तापमान बाकी दुनिया की तुलना में करीब 3.5 गुना तेजी बढ़ रहा है। 2026 से 2030 तक आर्कटिक के तापमान में औसतन 1.66 डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि हो सकती है। बर्फ कम होने से सूरज की किरणों को समुद्र ज्यादा सोखता है जिससे गर्मी बढ़ती है। यह एक साइकिल बनता जा रहा है। सर्दियों में आर्कटिक पहले से भी अधिक गर्म रहेगा, जिससे पूरी दुनिया का मौसन प्रभावित होगा।
 
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प्रचंड गर्मी पर UN की सबसे बड़ी चेतावनी - फोटो : ANI
1.5 डिग्री की सीमा को पार करना दुनिया के लिए खतरनाक

पृथ्वी का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय वन अमेजन कार्बन डाइऑक्साइड को सोखने का काम करता है और मौसम को नियंत्रित करता है। आने वाले पांच साल में अमेजन में असामान्य सूखा हो सकता है। इससे आग लगने का खतरा बढ़ेगा। अगर अमेजन सूख गया और जल गया, तो वो खुद कार्बन छोड़ने लगेगा। इससे ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ेगी। इसके कारण स्थानीय लोगों को पानी की समस्या उत्पन्न होगी। 

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प्रचंड गर्मी पर UN की सबसे बड़ी चेतावनी - फोटो : Freepik.com
गर्मी बढ़ने की वजह से मौसम का चरम रूप देखने को मिल रहा है। बाढ़, सूखा, लू और तूफान अधिक आएंगे। यूरोप में मई के महीने भीषण गर्मी पड़ रही है। भारत समेत कई देशों में लू कहर बरपा रहा है। वैज्ञानिकों ने कहा कि 0.1 डिग्री गर्मी से प्रभाव ज्यादा गंभीर होता है। लेकिन 1.5 डिग्री से ऊपर जाना खतरनाक होगा, जिससे कोरल रीफ, ग्लेशियर और कई पारिस्थितिकी तंत्र नष्ट हो सकते हैं। 

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प्रचंड गर्मी पर UN की सबसे बड़ी चेतावनी - फोटो : ANI
क्या होगा भारत पर असर?

भारत उन देशों में शामिल है, जो भीषण गर्मी का सामना करते हैं। आने वाले वर्षों में लू की घटनाओं में वृद्धि होगी। रात का तापमना अधिक होगा। इससे कृषि, स्वास्थ्य और पानी की समस्या बढ़ेगी। यूएन की यह रिपोर्ट पूरी दुनिया के लिए चेतावनी है।  
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