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Zara Hatke: 4 लाख की आबादी वाले इस देश में नहीं है एक भी मच्छर, कारण जानकर हैरान रह जाएंगे आप

Fri, 20 Dec 2024 12:10 PM IST
शिखर बरनवाल फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

दुनिया भर में आइसलैंड इकलौता देश है, जहां एक भी मच्छर नहीं रहते हैं। देखा जाए तो आइसलैंड की कुल आबादी लगभग 4 लाख है। ऐसे में आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि आखिर आइसलैंड में क्यों मच्छर नहीं होते हैं?
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आइसलैंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
दुनिया भर में मच्छरों का आतंक आम बात है। गर्मी के मौसम में तो ये और भी परेशान करते हैं। भारत में तो मौसम के बदलाव के साथ इनकी संख्या कम हो जाती है, लेकिन अनुकूल परिस्थितियां मिलते ही ये फिर से वापस आ जाते हैं और कानों के पास भिनभिनाकर जीना मुहाल कर देते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है जहां पूरे साल एक भी मच्छर नहीं पाया जाता? जी हां, ये सच है! इस देश के लोग मच्छरों के बारे में सिर्फ किताबों में पढ़ते हैं या तस्वीरों में देखते हैं। हम बात कर रहे हैं उत्तरी अटलांटिक महासागर में स्थित आइसलैंड देश की। यह एक ऐसा अनोखा देश है जहां मच्छरों का कोई अस्तित्व नहीं है। बता दें कि आइसलैंड के अलावा अंटार्कटिका महाद्वीप भी एक ऐसी जगह है, जहां एक भी मच्छर नहीं पाए जाते हैं। यह सुनकर आश्चर्य होता है, लेकिन इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण हैं, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए।
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आइसलैंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
आइसलैंड में मच्छरों के न होने के कारण
  • कम तापमान: आइसलैंड का तापमान साल भर काफी कम रहता है, यहां तक कि सर्दियों में यह -38 डिग्री सेल्सियस तक भी पहुंच जाता है। इतनी ठंड में पानी जम जाता है, जिससे मच्छरों के लार्वा और प्यूपा जीवित नहीं रह पाते और उनका प्रजनन चक्र बाधित हो जाता है।
  • तेजी से बदलता मौसम: आइसलैंड का मौसम बहुत तेजी से बदलता है। तापमान में अचानक बदलाव मच्छरों के जीवन चक्र को पूरा करने में बाधा डालते हैं, जिससे वे पनप नहीं पाते हैं।
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आइसलैंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
  • स्थिर जल निकायों की कमी: मच्छर अपने अंडे स्थिर पानी में देते हैं। आइसलैंड में ज्यादातर जल निकाय बहते हुए हैं या फिर जल्दी जम जाते हैं, जिससे मच्छरों को अंडे देने और पनपने के लिए उपयुक्त जगह नहीं मिल पाती है।
  • पारिस्थितिक संरचना: कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि आइसलैंड की मिट्टी, पानी और समग्र पारिस्थितिक संरचना मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल नहीं है। यहां की रासायनिक संरचना मच्छरों के जीवन चक्र को पूरा करने में बाधा डालती है।

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आइसलैंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
मच्छर के अलावा नहीं पाई जाती हैं ये प्रजातियां
आइसलैंड न केवल मच्छरों से मुक्त है, बल्कि यहां सांपों और अन्य रेंगने वाले जीवों की भी ज्यादा प्रजातियां नहीं पाई जातीं। हालांकि, यहां मकड़ियों और अन्य कीटों की कुछ प्रजातियां मौजूद हैं। आइसलैंड का पारिस्थितिकी तंत्र अपनी खासियतों के लिए जाना जाता है, जहां कठोर जलवायु परिस्थितियों के बावजूद कई जीव-जंतु और वनस्पतियां पनपते हैं। देखा जाए तो आइसलैंड पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है। यहां के प्राकृतिक नजारे, जैसे झरने, ग्लेशियर, और ज्वालामुखी, पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। मच्छरों की अनुपस्थिति यहां के पर्यटन का एक और बड़ा आकर्षण है, क्योंकि पर्यटक बिना किसी चिंता के प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।
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आइसलैंड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
आइसलैंड दुनिया के लिए अच्छा उदाहरण है जहां मच्छरों का कोई अस्तित्व नहीं है। यह देश प्राकृतिक कारणों और विशेष पारिस्थितिक परिस्थितियों के कारण मच्छरों से मुक्त है। यह वैज्ञानिकों के लिए भी एक रोचक विषय है कि कैसे एक जगह इतनी ठंडी और मच्छरों के लिए प्रतिकूल होने के बावजूद अन्य जीवों के लिए अनुकूल है। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि अगर आप मच्छरों के आतंक से दूर कुछ दिन बिताना चाहते हैं, तो आइसलैंड एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। 
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