कतर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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मुस्लिम ब्रदरहुड
इस सु्न्नी चरमपंथी गुट के अरब जगत में चाहने वाले बढ़ रहे थे। मुस्लिम ब्रदरहुड पर जल्द ही बहरीन, मिस्र, रूस, सीरिया और सऊदी अरब की हुकूमत ने चरमपंथी गुट करार दे दिया। मार्च, 2014 में सऊदी अरब, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात ने दोहा से अपने राजदूत वपास बुला लिए। आज ऐसा ही कुछ फिर से दोहराया जा रहा है।
आखिरकार कतर मुस्लिम ब्रदरहुड के सदस्यों को मुल्कबदर कर तुर्की भेजने के लिए तैयार हो गया और उसी साल नवंबर होते होते विवाद थम गया। इस बीच कतर दुनिया भर में अपनी दौलत का निवेश करता रहा। अकेले ब्रिटेन में अल-थानी खानदान ने 50 अरब डॉलर का निवेश कर रखा है। लग्जरी स्टोरी, यूरोप की सबसे ऊंची गगनचुंबी इमारत, बिजनेस कॉम्प्लेक्स से लेकर ओलम्पिक विलेज तक कतर ने अपने अकूत दौलत से क्या कुछ नहीं खरीदा।