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वो विशालकाय खतरनाक मगरमच्छ, जो डायनासोर का भी कर देते थे शिकार

Tue, 18 Aug 2020 08:17 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
मगरमच्छ की प्रजाति को लेकर आम धारणा ये रही है कि ये जीव लाखों साल से ऐसे ही रहते आ रहे हैं और उनमें कोई बदलाव नहीं आया है। लेकिन हाल ही में हुए एक शोध ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है। इस शोध को मगरमच्छ प्रजाति के बहुत ही पुराने जीवाश्मों पर किया गया है, जो डायनासोर के जमाने में रहा करते थे। ये मगरमच्छ इतने विशालकाय और खतरनाक हुआ करते थे कि डायनासोर तक का शिकार कर देते थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आतंकी मगरमच्छ
वैज्ञानिक ने यह खुलासा किया है कि करोड़ों साल पहले मगरमच्छ भयानक शिकारी जानवर हुआ करते थे। इनके दांत केले के आकार जितना बड़ा हुआ करते थे और उनका खुद का आकार लंदन बस के जितना बड़ा हुआ करता था। वैज्ञानिकों ने उन्हें ‘आंतकी मगरमच्छ’ की संज्ञा दी है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डायानसोर तक का शिकार
यह शोध अध्ययन जर्नल ऑफ वर्टीबरेट पेलेएंटोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। इन आतंकी मगरमच्छों के जबड़े इतने मजबूत थे कि ये डायनासोर का भी शिकार कर देते थे। यह मगरमच्छ अमेरिका में 7.5 कोरोड़ से 8.2 करोड़ साल पहले उत्तरी क्रिटेशियस काल में पाए जाते थे।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डायनासोर भी होंगे इनसे आतंकित
अर्कांसास स्टेट यूनिवर्सिटी के न्यूयॉर्क इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नेलॉजी कॉलेज ऑफ ओस्टोपैथिक मेडिसिन से आए प्रमुख शोधकर्ता डॉ एडम कोसैट ने बताया, "इन भयानक जंतुओं ने डायनासोर्स तक को आतंकित कर रखा होगा क्योंकि जब डायनासोर पानी पीने किनारे पर आते होंगे तब ये मगरमच्छ इनका भी शिकार कर लेते होंगे।"
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डायनासूकस प्रजाति का यह मगरमच्छ करीब 33 फीट लंबा था। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह मगरमच्छ अपने आसपास के सभी जानवरों को खाने में सक्षम था। हालांकि, वैज्ञानिकों को अभी तक इस प्रजाति के विलुप्त होने की भी वजह नहीं जान सके हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह गलत धारणा है कि मगरमच्छ प्रजाति के जीव बदलते नहीं हैं। ये डायनासोर के जमाने से नहीं बदले हैं पूरी तरह से गलत मान्यता है।
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