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Manslaughter Case: सपनों की दौड़ में खो गई इंसानियत, करियर बचाने के लिए ली अपनी नवजात बच्ची की जान!

Thu, 21 May 2026 12:04 PM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Ajab Gajab: जर्मनी से सामने आया एक मामला पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर रहा है, जहां एक 28 वर्षीय वकील कटरीना ने अपने करियर में रुकावट आने के डर से अपनी नवजात बच्ची को खिड़की से नीचे फेंक दिया। 
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Manslaughter - फोटो : AI
Germany Viral News: चमकते करियर के सपनों और अचानक सामने आ खड़ी हुई जिम्मेदारियों के बीच कभी-कभी इंसान ऐसी उलझन में फंस जाता है, जहां सही-गलत की रेखा धुंधली पड़ने लगती है। जर्मनी से सामने आया एक ऐसा ही मामला पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर रहा है, जहां एक सफल वकील का फैसला एक मासूम जिंदगी पर भारी पड़ गया।

जर्मनी की नामी ऑटोमोबाइल कंपनी Porsche के लीगल डिपार्टमेंट में काम करने वाली 28 वर्षीय वकील कटरीना ने अपनी नवजात बच्ची को खिड़की से नीचे फेंक दिया। करीब चार मीटर की ऊंचाई से गिरने के बाद बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई और कुछ दिनों बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद कोर्ट ने महिला को अनैच्छिक हत्या (मैनस्लॉटर) का दोषी मानते हुए सात साल छह महीने की सजा सुनाई।
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क्या था पूरा मामला? - फोटो : Freepik.com
क्या था पूरा मामला?
यह घटना सितंबर 2023 की है। कटरीना ने अपनी प्रेग्नेंसी को पूरे नौ महीने तक हर किसी से छिपाकर रखा, चाहे वो उसके सहकर्मी हों, पड़ोसी हों या खुद उसका परिवार। हेल्ब्रॉन शहर के अपने अपार्टमेंट में उसने अकेले ही बच्ची को जन्म दिया। लेकिन जन्म के तुरंत बाद उसने ऐसा कदम उठाया, जिसने सबको झकझोर दिया। 

जब बच्ची को खिड़की से नीचे फेंका गया, तो वहां से गुजर रहे लोगों ने उसे घायल अवस्था में देखा और तुरंत इमरजेंसी सेवाओं को सूचना दी। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया, जहां वह जिंदगी की जंग लड़ती रही, लेकिन आखिरकार हार गई। पुलिस जांच में सामने आया कि कटरीना ने जानबूझकर अपनी प्रेग्नेंसी छिपाई थी। उसे डर था कि मां बनने के बाद उसका करियर प्रभावित हो सकता है और पोर्शे में आगे बढ़ने के उसके सपने अधूरे रह जाएंगे।
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कोर्ट ने क्या कहा? - फोटो : AI
कोर्ट ने क्या कहा?
हेल्ब्रॉन जिला अदालत में चले लंबे ट्रायल के बाद जज ने हत्या के आरोप को खारिज कर दिया, लेकिन महिला को मैनस्लॉटर का दोषी ठहराया। कोर्ट के मुताबिक, यह साबित नहीं हो पाया कि कटरीना ने बच्ची की हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन उसकी लापरवाही और अमानवीय हरकत ने एक मासूम की जान ले ली।

बचाव पक्ष ने दलील दी कि महिला को अपनी प्रेग्नेंसी की जानकारी नहीं थी और जन्म के समय वह मानसिक रूप से अस्थिर थी। हालांकि अदालत ने इस तर्क को पूरी तरह नहीं माना, लेकिन इसे आंशिक रूप से ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया।

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बहस का बड़ा मुद्दा बन गया मामला - फोटो : AI
बहस का बड़ा मुद्दा बन गया मामला
इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है। सवाल उठने लगे हैं कि क्या आधुनिक कार्यस्थल महिलाओं पर इतना दबाव डालते हैं कि वे मातृत्व जैसी प्राकृतिक जिम्मेदारी से डरने लगती हैं?

कुछ महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह घटना उस सिस्टम की कमजोरी को उजागर करती है, जहां करियर और मातृत्व के बीच संतुलन बनाना महिलाओं के लिए मुश्किल हो जाता है। वहीं कई विशेषज्ञ इसे एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट के रूप में देख रहे हैं।
 
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बहस का बड़ा मुद्दा बन गया मामला - फोटो : AI
कटरीना अपने क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही एक होनहार वकील थी। उसके सहकर्मी उसे मेहनती और महत्वाकांक्षी बताते हैं। लेकिन प्रमोशन और करियर ग्रोथ खोने के डर ने उसे ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया, जिसने न सिर्फ एक जिंदगी छीन ली, बल्कि कई सवाल भी खड़े कर दिए।

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