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पाकिस्तान की 'बहनें' जो सेक्स चेंज कराने के बाद अब भाई हैं

Mon, 21 Dec 2020 09:11 AM IST
योगेश जोशी फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ये दोनों पंजाब के एक जमींदार परिवार से हैं - फोटो : social media
"मैं इस्लामाबाद से लड़का बन कर गुजरात पहुंचा हूं। इस बात की मुझे इतनी खुशी है कि मैं बता नहीं सकता। मुझे तो बचपन से ही लड़कियों के कपड़े पसंद नहीं थे। मेरे काम और आदतें लड़कों जैसी थीं। मेरी सात बहनें, दो भाइयों को पाकर बहुत खुश हो रही हैं। मेरे भाई आबिद भी खुश हैं।" ये कहना है पंजाब प्रांत में गुजरात जिले के सोनबड़ी गांव के द्वितीय वर्ष के छात्र वलीद आबिद का।

सेक्स चेंज ऑपरेशन से पहले उनका नाम बुशरा आबिद था। उनका छोटा भाई मुराद आबिद, जो नौंवी कक्षा का छात्र है, वो ऑपरेशन से पहले वाफिया आबिद था। ये दोनों पंजाब के एक जमींदार परिवार से हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Social media
  • डॉक्टर के लिए 'ये केस अलग' था..
वलीद और मुराद के माता-पिता की शादी 1993 में हुई थी। शादी के बाद उनके यहां एक के बाद एक नौ बेटियों का जन्म हुआ। हालांकि, दो बहनों के सेक्स चेंज ऑपरेशन के बाद, अब उनकी सात बेटियां और दो बेटे हैं। वलीद बहनों में पांचवें और मुराद छठे नंबर पर हैं।

दोनों बहनों का सेक्स चेंज ऑपरेशन इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में 12 डॉक्टरों की टीम ने डॉक्टर अमजद चौधरी की अगुवाई में किया। बीबीसी से बात करते हुए डॉक्टर अमजद चौधरी ने कहा कि उन्होंने इससे पहले भी सेक्स ऑपरेशन किए हैं, लेकिन यह मामला अलग था। दोनों भाई लगभग दो साल से इलाज करा रहे थे। उनके मुताबिक दो सगी बहनों या सगे भाइयों का ऑपरेशन उन्होंने इससे पहले नहीं किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
डॉक्टर चौधरी ने कहा, "हमने इन दोनों के अलग-अलग ऑपरेशन किए हैं। वलीद आबिद का ऑपरेशन 20 सितंबर को हुआ था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल के आईसीयू में रखा गया। जब ऑपरेशन के सफल होने की पूरी तरह से तसल्ली हो गई, तो हमने 10 अक्तूबर को मुराद आबिद का ऑपरेशन किया।"

डॉक्टर अमजद के अनुसार, ये ऑपरेशन छह घंटे तक चले थे जिसमें समय-समय पर कई डॉक्टर शामिल हुए। दोनों भाइयों को 21 अक्तूबर को अस्पताल से घर लौटने की इजाजत दे दी गई है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
  • सेक्स चेंज ऑपरेशन क्यों?
एबटाबाद स्थित अयूब टीचिंग हॉस्पिटल के डॉक्टर जुनैद के अनुसार, "कुछ बच्चों का जेंडर जन्म के समय स्पष्ट नहीं होता है। इसका कारण यह है कि ऐसे बच्चों के जननांग पूरी तरह से स्पष्ट आकार नहीं ले पाते हैं। ऐसे बच्चों में अगर दोनों जेंडर की विशेषताएं होती हैं, ऐसे मामलों में पैदा होने वाले बच्चों को 'एटिपिकल जेनेटेलिया' नामक बीमारी हो सकती है।"

उन्होंने कहा कि यह बीमारी आमतौर पर जन्मजात होती है और यह स्थिति विशिष्ट अंगों और यौन विकास के रास्ते में एक रुकावट होती है। डॉक्टर अमजद चौधरी ने बताया कि यह बीमारी बहुत कम लोगों को होती है। लगभग 0.5 से 0.7 प्रतिशत लोगों को। वो बताते हैं, "इस केस में, जाहिरी तौर पर तो दोनों लड़कियां थीं, लेकिन उनमें लड़कियों या महिलाओं की कोई भी विशेषताएं नहीं थीं।"
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉक्टर अमजद ने कहा कि एक निश्चित उम्र के होने के बाद भी इन दोनों को माहवारी शुरू नहीं हुई थी। उनकी मां ने गुजरात में उनकी जांच करवाई, वहां से इन्हें पीआईएमएस चिल्ड्रेन हॉस्पिटल में रेफर कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि शुरुआती टेस्ट कराने से पता चल गया था कि दोनों 'एटिपिकल जेनेटेलिया' से ग्रस्त थे और उन्हें जेंडर परिवर्तन ऑपरेशन की जरूरत है। इस ऑपरेशन से, उनके जननांगों को सर्जरी के जरिए सामान्य स्थिति में वापस लाया गया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डॉक्टर अमजद चौधरी के अनुसार, इसके लिए ऑपरेशन से पहले और बाद में इलाज की जरूरत पड़ती है। ऑपरेशन से पहले महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक टेस्ट और कॉउंसलिंग की जाती है, जबकि ऑपरेशन के बाद कुछ समय के लिए दवा के जरिए से हॉर्मोन पैदा किए जाते हैं।

डॉक्टर अमजद चौधरी ने बताया कि वो इस ऑपरेशन से पहले भी कई सर्जरी कर चुके हैं और बहुत से लोग ऑपरेशन के बाद एक अच्छा जीवन जी रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि ऑपरेशन कराने का निर्णय 100 फीसदी मरीज का अपना होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
उन्होंने कहा, "इस केस में भी, हमने दोनों को फैसला करने का पर्याप्त अवसर दिया था। उनसे लगभग हर विषय पर बात हुई थी। हमारे मनोचिकित्सक ने भी उनसे बात की थी। सर्जन डॉक्टर अमजद चौधरी के मुताबिक माता-पिता को जब लगे कि उनके बच्चों की शारीरिक रचना, जननांग और उनका व्यवहार कुछ अलग है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

उनका कहना है कि बच्चों में, इस बीमारी का समय रहते इलाज किया जा सकता है, अगर बहुत अधिक देरी हो जाए, तो समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
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