प्रतीकात्मक तस्वीर
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उन्होंने कहा, "इस केस में भी, हमने दोनों को फैसला करने का पर्याप्त अवसर दिया था। उनसे लगभग हर विषय पर बात हुई थी। हमारे मनोचिकित्सक ने भी उनसे बात की थी। सर्जन डॉक्टर अमजद चौधरी के मुताबिक माता-पिता को जब लगे कि उनके बच्चों की शारीरिक रचना, जननांग और उनका व्यवहार कुछ अलग है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
उनका कहना है कि बच्चों में, इस बीमारी का समय रहते इलाज किया जा सकता है, अगर बहुत अधिक देरी हो जाए, तो समस्याएं पैदा हो सकती हैं।