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ना ही लॉकडाउन और ना ही कर्फ्यू, लेकिन इस देश ने दे दी कोरोना को मात

Wed, 25 Mar 2020 01:59 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोना वायरस - फोटो : Pixabay
चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस ने आज महामारी का रूप ले लिया है। इस वायरस के संक्रमण से विश्व के कई देशों में कोहराम मचा हुआ है। इसके बावजूद भी चीन के पड़ोसी देश जो वुहान से महज 1382 किलोमीटर के दूरी पर स्थित है, कोरोना को मात दे दिया है। कोरोना को हराने के लिए इस देश के लोगों ने कई तरीकों को अपनाया। कोरोना को हराने के लिए इस देश ने जिन तरीकों को इस्तेमाल किया है, उसे पूरी दुनिया में मॉडल माना जाएगा।
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कोरोना वायरस - फोटो : फाइल फोटो
हम जिस देश की बात कर रहे हैं उसका नाम है दक्षिण कोरिया। दक्षिण कोरिया के पास अमेरिका, इटली और स्पेन जैसे मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था न रहने के बावजूद भी अन्य देशों की तरह कोई सख्ती नहीं की। यानी दक्षिण कोरिया ने कोरोना से बचने के लिए कोई कर्फ्यू या लॉकडाउन भी नहीं किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना से संक्रमित देशों की लिस्ट में आज दक्षिण कोरिया 8वें स्थान पर है। अबतक इस देश में कोरोना से संक्रमण के 9137 मामले मिले हैं, जिसमें 3500 से ज्यादा लोग ठीक हो गए हैं। वहीं इस वायरस से 129 लोगों की मौत हुई है और 59 लोग के हालात गंभीर है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस से लड़ने में दक्षिण कोरिया एक मिसाल साबित हुआ है। हालांकि पहले ऐसी स्थिति नहीं थी। दक्षिण कोरिया में 8 से 9 मार्च के बीच 8000 लोग संक्रमित थे। लेकिन बीते दो दिनों की बात करें तो केवल 12 मामले सामने आए हैं। इससे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये है कि इस देश ने पहला मामला मिलने से लेकर आज तक किसी भी तरह का कोई लॉकडाउन और कर्फ्यू नहीं किया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
दक्षिण कोरिया से अब विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO दूसरे देशों को सीख लेने को कह रहा है। कोरोना से लड़ने के लिए इस देश ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। देश की सरकार ने सरकारी अधिकारियों समेत मेडिकल कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकत कर उनसे जांच किट बनाने की शुरुआत करने की बात की। बेहतर इलाज के लिए इस देश ने समय रहते कोरोना वायरस का जांच करना शुरू कर दिया, जिसके लिए पूरे देश में 600 से भी ज्यादा टेस्ट सेंटर खोले गए।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना के वायरस की स्क्रीनिंग के लिए इस देश ने बड़ी इमारतों, होटलों, पार्किंग और सार्वजनिक स्थानों पर थर्मल इमेजिंग कैमरे लगाए, जिससे बुखार पीड़ित व्यक्ति की तुरंत पहचान हो सके। रेस्टोरेंट और होटलों में जांच होने के बाद अंदर जाने की अनुमति मिलती थी। इसके अलावा यहां के विशेषज्ञों ने हाथों को संक्रमण से बचाने के लिए एक नायाब तरीका बताया।
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कोरोना वायरस - फोटो : ANI
अगर व्यक्ति दाएं हाथ से काम करता है तो उसे दरवाजे का हैंडल पकड़ने, मोबाइल चलाने समेत हर छोटे-बड़े काम के लिए बाएं हाथ के इस्तेमाल की सलाह दी गई। ठीक उसी तरह यदि व्यक्ति बाएं हाथ से काम करता है तो उसे दाएं हाथ इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। शरीर में संक्रमण का प्रवेश हाथों के द्वारा ही होता है। ऐसे में इनका ये उपाय बहुत कारगर रहा।
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