प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
डेलाइट सेविंग टाइम होने वाला फायदा
इस सिस्टम को अपनाने के पीछे वजह ये थी कि एनर्जी की खपत कुछ कम हो, लेकिन अलग-अलग अध्ययनों में अलग-अलग आंकड़े दे चुकी हैं। इसलिए इस सिस्टम को लेकर हमेशा बहस चलती रहती है। उदाहरण के लिए साल 2008 में अमेरिकी एनर्जी विभाग ने कहा कि इस सिस्टम के लिए करीब 0.5 फीसदी बिजली की बचत हुई, लेकिन आर्थिक रिसर्च के नेशनल ब्यूरो ने उसी साल एक स्टडी में कहा कि इस सिस्टम के कारण बिजली की डिमांड बढ़ी।