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Bizarre: हर साल 8000 KM तय कर दोस्त से मिलने आता है पेंगुइन, वजह जानकर भर आएगा दिल

Mon, 11 May 2026 05:02 PM IST
Jyoti Mehra फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

Bizarre News: यह कहानी है ब्राजील के मछुआरे 'जोआओ परेरा डी सूजा' और एक मैजेलैनिक पेंगुइन 'डिंडिम द पेंगुइन' की, जिनकी दोस्ती ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। 
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हर साल 8000 KM तय कर दोस्त से मिलने आता है पेंगुइन - फोटो : AI
Brazil Story: कभी-कभी जिंदगी ऐसी कहानियां लिख देती है, जिन पर यकीन करना मुश्किल हो जाता है। इंसान और जानवर के बीच दोस्ती की मिसालें आपने जरूर सुनी होंगी, लेकिन एक मछुआरे और पेंगुइन के बीच ऐसा अटूट रिश्ता वाकई दिल को छू लेता है। यह कहानी है ब्राजील के मछुआरे 'जोआओ परेरा डी सूजा' और एक मैजेलैनिक पेंगुइन 'डिंडिम द पेंगुइन' की, जिनकी दोस्ती ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। साल 2011 में रियो डी जनेरियो के पास प्रोवेटा बीच पर जोआओ को एक कमजोर और घायल पेंगुइन मिला। उसका शरीर तेल से सना हुआ था, पंख आपस में चिपक चुके थे और वह खुद को गर्म रखने में असमर्थ था। हालत ऐसी थी कि उसकी जान कभी भी जा सकती थी।
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पेंगुइन की जान बचाई - फोटो : adobestock
पेंगुइन की जान बचाई
जोआओ उसे अपने घर ले आए और कई हफ्तों तक उसकी देखभाल की। उन्होंने धीरे-धीरे उसके शरीर से तेल साफ किया, उसे खाना खिलाया और तब तक संभाला, जब तक वह पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो गया। जब पेंगुइन ठीक हो गया, तो जोआओ ने उसे समुद्र में छोड़ दिया। उस वक्त यह एक सामान्य विदाई थी, कम से कम उन्हें यही लगा।

जोआओ के घर वापस आया पेंगुइन 
लेकिन कुछ महीनों बाद जो हुआ, वह किसी चमत्कार से कम नहीं था। वही पेंगुइन वापस लौटा, सीधे उसी बीच पर, और फिर जोआओ के घर तक पहुंच गया। इसके बाद यह सिलसिला हर साल जारी रहा, मानो दोनों के बीच कोई अनदेखा रिश्ता बन चुका हो।
 
 
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8000 किलोमीटर का सफर - फोटो : adobestock
8000 किलोमीटर का सफर
मैजेलैनिक पेंगुइन आमतौर पर पैटागोनिया (अर्जेंटीना-चिली) के ठंडे इलाकों में रहते हैं। लेकिन डिंडिम हर साल करीब 8000 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय करके ब्राजील पहुंचता है, सिर्फ अपने दोस्त से मिलने के लिए। वह जून के आसपास आता है और फरवरी तक जोआओ के साथ समय बिताता है।

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हर साल 8000 KM तय कर दोस्त से मिलने आता है पेंगुइन - फोटो : adobestock
वैज्ञानिकों ने उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसे टैग भी किया था, जिससे साफ हुआ कि हर बार लौटने वाला वही पेंगुइन है। जोआओ बताते हैं कि जैसे ही डिंडिम उन्हें देखता है, वह खुशी से आवाजें निकालता है, उनके पीछे-पीछे चलता है, बिल्कुल किसी पालतू कुत्ते की तरह। हैरानी की बात यह है कि वह सिर्फ जोआओ को ही पहचानता है और बाकी लोगों से दूरी बनाए रखता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी पेंगुइन का इस तरह किसी इंसान से जुड़ाव बेहद दुर्लभ है।
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कहानी जिसने बड़े पर्दे तक पहुंच बनाई - फोटो : adobestock
कहानी जिसने बड़े पर्दे तक पहुंच बनाई
इस अनोखी दोस्ती ने इतनी लोकप्रियता हासिल की कि इस पर 2024 में My Penguin Friend नाम की फिल्म भी बनी, जिसमें जीन रेनो ने जोआओ का किरदार निभाया। फिल्म के रिलीज होते ही यह कहानी एक बार फिर दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई। जोआओ अक्सर कहते हैं, “मैंने उसकी जान जरूर बचाई थी, लेकिन सच तो यह है कि उसने मुझे जीने का एक नया मतलब दिया।”


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