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इस देश में बाज और उल्लू करते हैं राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा, इनकी तैनाती के पीछे ये है वजह

Thu, 04 Apr 2019 06:29 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला
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क्रेमलिन की सुरक्षा में तैनात बाज - फोटो : Social media
आमतौर पर किसी भी देश में प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा का जिम्मा ट्रेंड कमांडो या आर्मी के जिम्मे होता है, लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा भी है जहां राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा बाज और उल्लू करते हैं। इनकी तैनाती के पीछे एक खास वजह है।  
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क्रेमलिन की सुरक्षा में तैनात बाज - फोटो : Social media
दरअसल, रूस में राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन और उसके आसपास मौजूद प्रमुख सरकारी इमारतों की सुरक्षा के लिए देश के रक्षा विभाग ने बाज और उल्लुओं की एक टीम बनाई है। शिकारी परिंदों की यह टीम साल 1984 में बनाई गई थी, जिसमें फिलहाल 10 से ज्यादा बाज और उल्लू हैं। इन बाजों और उल्लुओं को सुरक्षा के लिहाज से खास तरह की ट्रेनिंग दी गई है। 
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क्रेमलिन की सुरक्षा में तैनात बाज - फोटो : Social media
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कौओं से राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा के लिए इन बाजों और उल्लुओं को तैनात किया गया है। दरअसल, कौओं के मल-मूत्र से राष्ट्रपति भवन और उसके आसपास की इमारतों को नुकसान पहुंच रहा था और उन्हें दूर भगाने के लिए ही इनकी तैनाती की गई है। ये पक्षी संघीय गार्ड सेवा का हिस्सा हैं। 

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उल्लू - फोटो : Social media
राष्ट्रपति भवन की सुरक्षा में तैनात परिंदों की टीम में 20 साल की एक मादा बाज 'अल्फा' और 'फाइल्या' नाम का उल्लू है। इनकी खासियत ये है कि ये राष्ट्रपति भवन के आसपास कौओं की आवाज सुन लें या उन्हें आसमान में मंडराते देख लें तो पल भर में उन पर झपट पड़ते हैं और उन्हें दूर भगा देते हैं या मार गिराते हैं। 
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क्रेमलिन की सुरक्षा में तैनात बाज - फोटो : Social media
क्रेमलिन और उसके आसपास की इमारतों की देखरेख करने वाले पावेल माल्कोव का कहना है कि सोवियत संघ के शुरुआती दौर में इन इमारतों की सुरक्षा के लिए कौओं को मार गिराने वाले गार्ड रखे गए थे। साथ ही उन्हें डराने के लिए शिकारी परिदों की रिकॉर्डेड आवाज का भी इस्तेमाल किया गया था, लेकिन ये सारे तरीके फेल साबित हुए थे। 
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उल्लू - फोटो : Social media
इन परिंदों को अब एक और खास तरह की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि अगर कोई छोटा ड्रोन भी राष्ट्रपति भवन के आसपास दिखाई दे तो वो उससे भी निपट सकें।
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