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डिस्लेक्सिया बीमारी को लेकर पीएम मोदी का video viral

Mon, 04 Mar 2019 03:44 PM IST
संदीप भट्ट फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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pm modi - फोटो : सोशल मीडिया
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सोशल मीडिया पर पीएम नरेंद्र मोदी और एक बच्ची के संवाद का वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में बच्ची के डिस्लेक्सिया नाम की बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए सवाल पूछने पर पीएम मोदी ने इशारों ही इशारों में ऐसा जवाब दिया की सोशल मीडिया पर यूजरों ने उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया है।

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इस वायरल वीडियो में पीएम मोदी डिस्लेक्सिया नामक बीमारी से पीड़ितों को लेकर (Dyslexia Allegedly) बात करते दिख रहे हैं। युवाओं संग एक लाइव कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लर्निंग डिसऑर्डर के जिक्र पर भी राजनीतिक व्यंग्य करने से परहेज नहीं किया। 

बीते रविवार को जब देहरादून की एक छात्रा पीएम के सामने डिस्लेक्सिया से जूझ रहे बच्चों के बीच शुरुआती स्टेज पर इसकी पहचान के लिए अपनी टीम का आइडिया शेयर कर रही थी, उसी समय पीएम ने राजनीतिक विरोधियों पर चुटकी ली। माना जा रहा है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने यह मजाक कर बड़े विपक्षी दल के नेता पर निशाना साधा था।
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पीएम नरेंद्र मोदी के इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी खूब आलोचना हो रही है। पीएम मोदी ने यह चुटकी टेक्नोलॉजी ड्रिवन सॉल्यूशन प्रोग्राम में हिस्सा लेने आए छात्रों के बीच ली। आपको बता दें कि 'स्मार्ट इंडिया हैकॉथन 2019' के ग्रैंड फिनाले में पीएम मोदी देश की कई समस्याओं पर युवाओं के सुझाए तकनीकी समाधान के बारे में जानकारी ले रहे थे।

 

'क्या 40-45 साल के बच्चे को भी ये योजना काम आएगी?’

pm modi - फोटो : अमर उजाला
दरअसल, बीते रविवार 2-3 मार्च को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में 'स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2019' (Smart India Hackathon 2019) की वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी को बताया कि यह प्रोग्राम डिस्लेक्सिया पीड़ितों बच्चे (Dyslexia Children) जो पढ़ने-लिखने में परेशानी महसूस करते हैं उनके लिए भी फायदेमंद हो सकता है। छात्रा ने पीएम मोदी से कहा कि हमारे पास डिस्लेक्सिया पीड़ितों बच्चों के लिए एक आइडिया है, जो पढ़ने-लिखने में बेहद धीमे होते हैं, लेकिन उनका क्रिएटिविटी लेवल काफी अच्छा होता है। हम यह फिल्म 'तारे जमीन पर' में देख चुके हैं।

छात्रा द्वारा इस बात को बताने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी उसे बीच में रोकते हुए पूछते हैं कि- क्या यह प्रोग्राम 40-50 साल के बच्चे के लिए भी फायदेमंद होगा। पीएम मोदी के इतना कहते ही वहां मौजूद सभी छात्र जोर से हंसने लग जाते हैं। बाद में वह छात्रा हंसते हुए हां में जवाब देती है, लेकिन पीएम मोदी यही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों की मां बहुत खुश होगी। पीएम मोदी की इस बात पर फिर से सभी छात्र हंसने लगते हैं। 

इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर विपक्षी नेता पीएम मोदी की काफी आलोचना भी कर रहे हैं। लोगों ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी के इस तरह की गंभीर बीमारी को लेकर पूछे गए सवाल के बीच में ही विपक्ष के बड़े नेता पर तंज कसने को काफी निराशाजनक बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि डिस्लेक्सिया जैसी घातक बीमारी के सवाल पर भी पीएम मोदी ने इस तरह की बात करके ओछी राजनीति का परिचय दिया है। 
 

 

एनपीआरडी ने कहा, अपनी टिप्पणी पर माफी मांग सकते हैं पीएम मोदी

- फोटो : Facebook

नेशनल प्लेटफॉर्म फॉर द राइट्स ऑफ द डिसएबल्ड (NPRD) ने पीएम मोदी की इस टिप्पणी को अपमानजनक और असंवेदनशील बताते हुए इसकी आलोचना की है। NPRD के मुताबिक, एक स्टूडेंट के पूछे सवाल का जवाब देने की बजाए, पीएम मोदी ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर निशाना साधा। ये सब अधिक अफसोसजनक है क्योंकि डिस्लेक्सिक लोगों के लिए ऐसी असंवेदनशील प्रतिक्रिया एक ऊंचे पद के व्यक्ति की ओर से आई है। पीएम को किसी भी परिस्थिति में ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। यह विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के मुताबिक उनके प्रति सम्मान के खिलाफ है। कम से कम पीएम अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग सकते हैं।



इस राजनीतिक तंज के बाद छात्रा ने बताया कि शुरुआती स्टेज पर डिस्लेक्सिया बीमारी का पता लगाने के लिए उन लोगों ने सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो कई लेवल पर बच्चों में इस समस्या की जांच करेगा। पीएम ने पूछा कि क्या इसमें बच्चों के क्लिनिकल एनालिसिस का एलिमेंट होगा क्योंकि हरेक में इस कंडिशन के रिफ्लेक्शन अलग-अलग होंगे। टीम ने बताया कि इस पर काम चल रहा है। राजनीतिक विरोधियों का मजाक उड़ाने के लिए डिस्लेक्सिया से जूझ रहे लोगों को आधार बना कर पीएम की टिप्पणी को ट्विटर पर लोग असंवेदनशील बता रहे हैं।
 



 

 

डिस्लेक्सिया क्या है?

- फोटो : Social Media
डिस्लेक्सिया एक लर्निंग डिसऑर्डर है, जिससे 3-7 फीसदी बच्चे ग्रस्त होते हैं। दुनिया के सबसे स्मार्ट लोगों में से भी कुछ लोगों को डिस्लेक्सिया रहा है। लियोनार्डो द विंसी, पिकासो, वॉल्ट डिजनी, एल्बर्ट आइंस्टीन कुछ ऐसे ही नाम हैं। ये दिमाग की एक अवस्था है, जिसमें किसी व्यक्ति विशेष को पढ़ने या किसी शब्द की सही स्पेलिंग बोलने में कठिनाई होती है। यह कठिनाई इसलिए होती है क्योंकि डिस्लेक्सिया प्रभावित ब्रेन को निश्चित प्रकार की इंफॉर्मेशन को प्रोसेस करने में मुश्किल होती है।
 

 
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स्पेलिंग गलत बोलना और पढ़ने में कठिनाई डिस्लेक्सिया का स्पष्ट लक्षण

स्पेलिंग गलत बोलना और पढ़ने में कठिनाई डिस्लेक्सिया के स्पष्ट लक्षण हैं। इससे प्रभावित बच्चे लेटर्स को मैच करने या उन्हें बोलने में अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं। ऐसा पढ़ते समय या उन्हें बोलते समय होता है। देखभाल करने वाले और टीचर्स को यह ध्यान देना होगा कि ऐसे बच्चे हावभाव और ऑब्जर्वेशन के जरिए ही बेहतर तरीके से सीख सकते हैं। कभी-कभी डिस्लेक्सिया प्रभावित को पढ़ते समय देखने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, ऐसे में आंखों की जांच से कुछ भी पता नहीं लग सकता है।
 


 


 

 
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