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India Pakistan Tension: एटम और हाइड्रोजन बम में क्या होता है अंतर? जानिए कौन है ज्यादा खतरनाक

Fri, 09 May 2025 02:17 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला

सार

India Pakistan Tension: हाइड्रोजन बम बनने के बाद अभी अब तक किसी युद्ध में इस्तेमाल नहीं किए गए हैं। इसकी ताकत एटम बम से कई गुना अधिक है। आइए जानते हैं कि दोनों में क्या अंतर और कौन ज्यादा खतरनाक है? 
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एटम और हाइड्रोजन बम में क्या होता है अंतर? - फोटो : Adobe Stock
India Pakistan Tension: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। आतंकियों के खिलाफ भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' से पाकिस्तान बौखला गया है। पाकिस्तान ने गुरुवार को भारत के करीब 15 शहरों को निशाना बनाया। भारतीय सेना ने इन हमलों को नाकाम कर दिया। भारत और पाकिस्तान में तनाव के बीच एटम और हाइड्रोजन बम की चर्चा हो रही है। अमेरिका ने पहली बार एटम बम आविष्कार किया था। इस हथियार ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में तबाही मचाई थी जिससे पूरी दुनिया हैरान हो गई थी। 

यह विनाशकारी हथियारों की सिर्फ शुरुआत थी। इसके बाद हाइड्रोजन बम का आविष्कार हुआ जिसका अभी किसी भी युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया है। आज हम आपको एटम बम और हाइड्रोजन बम में अंतर बताएंगे। हाइड्रोजन बम बनने के बाद अभी अब तक किसी युद्ध में इस्तेमाल नहीं किए गए हैं। इसकी ताकत एटम बम से कई गुना अधिक है। आइए जानते हैं कि दोनों में क्या अंतर और कौन ज्यादा खतरनाक है? 
 
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एटम और हाइड्रोजन बम में क्या होता है अंतर? - फोटो : Adobe Stock
क्या होता है एटम बम? 

एटम बम विस्फोट के बाद ऊर्जा पैदा करने के लिए परमाणु विखंडन की प्रक्रिया पर काम करता है। इस दौरान एक परमाणु का नाभिक छोटे भागों में बंट जाता है। यह आमतौर पर मुक्त न्यूट्रॉन और फोटॉन पैदा करता है और भारी मात्रा में ऊर्जा जारी करता है। अमेरिका ने साल 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर बम गिराए थे। 

 
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एटम और हाइड्रोजन बम में क्या होता है अंतर? - फोटो : Adobe Stock
हाइड्रोजन बम क्या होता है? 

हाइड्रोजन बम एक व्यापक प्रक्रिया पर चलने वाला डिवाइस है। इसमें परमाणु बम और थर्मोन्यूक्लियर बम दोनों शामिल हैं। थर्मोन्यूक्लियर बम जिन्हें हाइड्रोजन बम या एच-बम के तौर जाना जाता है। परमाणु संलयन का इस्तेमाल करते हैं। जहां हल्के परमाणु नाभिक मिलकर भारी नाभिक बनाते हैं जिससे ऊर्जा निकलती है।

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एटम और हाइड्रोजन बम में क्या होता है अंतर? - फोटो : Adobe Stock
आपको बता दें कि परमाणु बम और हाइड्रोजन बम में मुख्य अंतर उनकी ऊर्जा का स्रोत है। नाभिकीय विखंडन पर परमाणु बम आधारित है, तो वहीं हाइड्रोजन बम नाभिकीय संलयन पर आधारित है। हाइड्रोजन बम परमाणु बम की तुलना में ज्यादा शक्तिशाली होता है क्योंकि संलयन प्रतिक्रिया विखंडन प्रतिक्रिया की तुलना में ज्यादा ऊर्जा निकालती है।

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एटम और हाइड्रोजन बम में क्या होता है अंतर? - फोटो : Adobe Stock
कब और किसने सबसे पहला बनाया? 

अमेरिका ने दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मैनहट्टन परियोजना के तहत एटम बम बनाया गया था। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ने परमाणु बम के जनक जे रॉबर्ट ओपेनहाइमर को मैनहट्टन प्रोजेक्ट के तहत लॉस एल्मोस लैब का निदेशक नियुक्त किया था और परमाणु बम बनाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। 

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एटम और हाइड्रोजन बम में क्या होता है अंतर? - फोटो : Adobe Stock
तीन साल की मेहनत के बाद 16 जुलाई 1945 को पहले परमाणु बम का परीक्षण किया गया, जिसे ट्रिनिटी नाम दिया गया था। इसके महीने भर के अंदर ही जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर में परमाणु बम गिराए गए, जिससे दुनिया हिल गई। इसके बाद जापान ने सरेंडर कर दिया और द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया। साल1947 में ओपेनहाइमर को अमेरिकी परमाणु ऊर्जा आयोग का चेयरमैन नियुक्त किया गया। 

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एटम और हाइड्रोजन बम में क्या होता है अंतर? - फोटो : Adobe Stock
शीत युद्ध के दौरान हाइड्रोजन बम विकसित किया गया। संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1952 में पहला थर्मोन्यूक्लियर बम (हाइड्रोजन बम) का परीक्षण किया था। यह हाइड्रोजन बम नागासाकी-हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 1000 गुना ज्यादा विनाशकारी था। अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और रूस हाइड्रोजन बम का आविष्कर कर चुके हैं। भारत और इजरायल भी इसका परीक्षण कर चुके हैं।
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