फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यहां होती है 'कुर्सी की खेती', पेड़ों को काटकर फर्नीचर बनाने का नहीं होता झंझट

Sun, 29 Sep 2019 05:29 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 7
'कुर्सी की खेती' - फोटो : Facebook/Joanna Hurghada
'50 साल पुराने किसी पेड़ को काटकर फर्नीचर बनाने से बेहतर है कि पौधों को फर्नीचर के आकार में ही उगाया जाए'। ये कहना है इंग्लैंड में रहने वाले पति-पत्नी गेविन और एलिस मुनरो का। ये दंपति सालों से फर्नीचर के आकार में ही पौधे उगा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो अब तक 50 मेज, 100 लैंप और 250 कुर्सियां उगा चुके हैं। 
विज्ञापन

2 of 7
कुर्सी की खेती - फोटो : Facebook/Joanna Hurghada
गेविन ने पौधों को फर्नीचर के आकार में उगाने की शुरुआत साल 2006 में की थी। उस समय उन्होंने कुल कुर्सियां उगाईं थी। इसके बाद तो उनके अंदर इस काम को करने का जुनून ही सवार हो गया। 
विज्ञापन

3 of 7
'कुर्सी की खेती' - फोटो : Facebook/Joanna Hurghada
साल 2012 में गेविन ने एलिस से शादी कर ली। उसके बाद उन्होंने मिलकर एक कंपनी खोली और अपने आइडिया को एक कारोबार का रूप दे दिया। हालांकि पहली बार जब उन्होंने फर्नीचर उगाया तो उनकी फसल बर्बाद हो गई थी। 

4 of 7
'कुर्सी की खेती' - फोटो : Facebook/Joanna Hurghada
गेविन बताते हैं कि उन्हें फर्नीचर के आकार के पौधा उगाने का आइडिया तब आया था, जब उन्होंने एक बोनसाई के पौधे को देखा था, जो बिल्कुल किसी कुर्सी की तरह लग रहा था। 
विज्ञापन

5 of 7
'कुर्सी की खेती' - फोटो : Facebook/Woodz
पौधों को फर्नीचर की तरह बनाने में बहुत समय लगता है। इसके लिए पौधों की डालियों को उसी हिसाब से मोड़ना पड़ता है, जिस तरह का फर्नीचर बनाना हो। गेविन और उनकी पत्नी एलिस अब इस काम में माहिर हो चुके हैं। 
विज्ञापन

6 of 7
'कुर्सी की खेती' - फोटो : Facebook/Ralph Roberts
गेविन के मुताबिक, इस तरह उगाई गई एक कुर्सी आठ लाख रुपये में बिकती है। वहीं मेज की कीमत 11 लाख रुपये तक है, जबकि एक लैंप 80 हजार रुपये में बिकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
'कुर्सी की खेती' - फोटो : Facebook
जानकारी के मुताबिक, पौधे वाली एक कुर्सी बनाने में 6-9 महीने का समय लगता है, जबकि यह सूखने में भी इतना ही समय लेता है। इसके बाद ही यह बिकने के लिए तैयार होता है।  
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें