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कोरोना महामारी से बचाने में मदद करेंगे कुत्ते, वायरस का सूंघकर लगाएंगे पता

Thu, 16 Apr 2020 10:42 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण से पूरी दुनिया परेशान है। इस खतरनाक वायरस की वजह से अब तक हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं हर देश के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के रोकथाम की कोशिश में दिन-रात लगे हुए हैं। इसी दौरान कुछ वैज्ञानिकों द्वारा एक नया तरीका खोजा गया है, जो इस घातक वायरस को और फैलने से रोक सकता है। दरअसल, इस महामारी को रोकने के लिए कुत्तों की मदद ली जाएगी। ये कुत्ते सूंघकर इस वायरस का पता लगाएंगे।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, इंसान की तुलना में कुत्तों की सूंघने की क्षमता 10 हजार गुना तेज होती है। इतना ही नहीं, ड्रग्स और विस्फोटकों को भी कुत्ते सूंघकर पता लगाने की क्षमता रखते हैं। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन द्वारा हुए एक रिसर्च में इस बात का पता चला है कि कुत्ते सांस से जुड़ी बीमारी को भी आसानी से पहचान कर लेते हैं। मलेरिया जैसे रोग को कुत्ते सूंघकर पता लगाने में सक्षम हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
इस बात का पता चलने के बाद ब्रिटेन की चैरिटेबल संस्था वैज्ञानिकों के साथ मिलकर इस चीज को पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कुत्ते कोरोना वायरस का पता लगा पाने में मददगार साबित हो सकते हैं या नहीं। संस्था ने बताया कि इसके लिए हमें कुतों को विशेष ट्रेनिंग देनी होगी और उन्होंने इसकी तैयारी शुरू कर दी है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन के रोग नियंत्रण प्रमुख ने बताया कि 'हमने पाया कि कुत्ते मलेरिया की सटीकता से पहचान करने में सक्षम हैं। यही नहीं, वे सांसों से जुड़ी अन्य बीमारियों का पता लगाने में भी काफी माहिर हैं। माना जा रहा है कि इसकी वजह से वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि कुत्ते कोरोना वायरस का भी पता लगा पाने में मददगार बन सकते हैं।'
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों के मुताबिक कुछ कुत्तों को कैंसर और पार्किंसंस जैसी बीमारी के शुरुआती लक्षण पहचनाने के लिए पहले से ही प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसके बाद से लंदन का मेडिकल डिटेक्शन डॉग्स स्कूल यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि क्या कुत्ते कोरोना की पहचान कर लेंगे?  मेडिकल डिटेक्शन डॉग्स दावा करते हुए कहा कि सैद्धांतिक रूप से हमें यकीन है कि कोरोना वायरस का पता लगा सकते हैं। इसके लिए हमारी कोशिश यही है कि हम किसी तरह रोगियों से वायरस की गंध को सुरक्षित रूप से पकड़ कर कुत्तों के सामने पेश कर सकें।
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