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Comet: धरती की तरफ आ रहा हिमयुग का धूमकेतु, 50 हजार साल बाद दिखेगा अद्भुत दृश्य, रात में होगा दिन!

Sun, 08 Jan 2023 04:56 PM IST
ज्योति मेहरा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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धरती की तरफ आ रहा हिमयुग का धूमकेतु - फोटो : iStock
Comet: सितारों की दुनिया में हैरान करने वाली कई घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन इस बार करीब 50 हजार साल बाद अंतरिक्ष में बेहद अजीबोगरीब घटना होने जा रही है। दरअसल, 1 फरवरी की रात को बेहद अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। इस रात आसमान में कुछ दिन जैसा नजारा देखने को मिलेगा। यह घटना 50 हजार साल में पहली बार होने जा रही है। खास बात ये है कि अगर आपके इलाके का आसमान उस समय साफ रहा तो आप इसे अपनी नंगी आंखों से भी देख सकते हैं। इसके लिए आपको किसी दूरबीन या टेलिस्कोप की जरुरत नहीं पड़ेगी। लेकिन इस नजारे का लुत्फ उठाना के लिए आपको ठंड में खुले आसमान के नीचे रात गुजारनी पड़ेगी। असल में यह एक धूमकेतु है, जो इससे पहले हिमयुग में आया था। इसका नाम C/2022 E3 (ZTF) है। इससे पहले यह 50 हजार साल पहले अपर पेलियोलिथिक काल (Upper Paleolithic Period) में आया था, जब इंसानों की आधुनिक प्रजाति (होमो सेपियंस) भी नहीं थे।
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धरती की तरफ आ रहा हिमयुग का धूमकेतु - फोटो : iStock
इस धूमकेतु को पिछले साल मार्च में खोजा गया था, जिसके बाद से लगातार कैलिफोर्निया की ज्विकी ट्रांसजिएंट फैसिलिटी के वैज्ञानिकों द्वारा ट्रैक किया जा रहा है। हमारे सौर मंडल की बाहरी सर्किल से यात्रा करने के बाद यह धूमकेतु 12 जनवरी को सूर्य के सबसे करीब से गुजरेगा और 1 फरवरी को पृथ्वी के सबसे पास देखा जाएगा, जब यह धूमकेतु अपने पूरे शबाब पर होगा।
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धरती की तरफ आ रहा हिमयुग का धूमकेतु - फोटो : iStock
इस दौरान इससे निकलने वाली रोशनी रात में दिन जैसा उजाला कर सकती है। ज्विकी ट्रांसिएंट फैसिलिटी में काम करने वाले कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में फिजिक्स के प्रोफेसर थॉमस प्रिंस का कहना है कि यह धूमकेतु पृथ्वी के सबसे करीब आने पर सबसे चमकीला होने वाला है।

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धरती की तरफ आ रहा हिमयुग का धूमकेतु - फोटो : iStock
इसके अलावा पेरिस ऑब्जर्वेटरी के एक खगोल वैज्ञानिक निकोलस बीवर ने अनुमान लगाते हुए बताया कि, बर्फ और धूल से बने और हरे रंग की रोशनी का उत्सर्जन करने वाले इस धूमकेतु का व्यास (डाइमीटर) करीब एक किलोमीटर है।
 
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धरती की तरफ आ रहा हिमयुग का धूमकेतु - फोटो : iStock
C/2022 E3 धूमकेतु NEOWISE की तुलना में काफी छोटा बताया जा रहा है। दरअसल, NEOWISE आखिरी धूमकेतु था, जिसे बिना किसी सहायता के नंगी आंखों से देखा गया था, जो मार्च 2020 में पृथ्वी के पास से गुजरा था। इससे पहले 1997 में हेल-बोप धूमकेतु पृथ्वी के पास से गुजरा था। इसका संभावित व्यास करीब 60 किलोमीटर था। हेल-बोप धूमकेतु कई दशकों में सबसे ज्यादा चमकदार और 20वीं सदी में सबसे अधिक अवलोकित किया गया था। इसे नग्न आंखों से 18 महीने तक देखा गया था।
 
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