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अजब-गजब: चीन का एक नया कारनामा, इंसान और चिंपैंजी की क्रॉस-ब्रीडिंग से बनाए जा रहे महामानव, जानिए इस खतरनाक प्रोजेक्ट के बारे में

Sat, 01 Jan 2022 03:43 PM IST
आशिकी पटेल फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ह्यूमन-चिंपैंजी की क्रॉस-ब्रीडिंग कर महामानव बना रहा चीन - फोटो : iStock
अलग-अलग तरह के पौधों के बीच प्रयोग के जरिए हाइब्रिड बनाने की खबर तो आपने जरूर सुनी होगी। लेकिन अब इंसानों और जानवरों के बीच भी कुछ ऐसा ही प्रयोग किया जा रहा है। ये कारनामा कर रहा है चीन। चीन दुनिया में अपनी ताकत को और बढ़ाने के लिए इंसान और चिंपैंजी की क्रॉस-ब्रीडिंग करके एक नया जीव तैयार कर रहा है। दरअसल, 1980 के दशक के समय में कुछ रिपोर्ट्स में ये बात सामने आई थी कि चीन में 1967 में ‘ह्यूमन-चिंपैंजी’ की क्रॉस-ब्रीडिंग की गई है, ताकि महामानव तैयार किया जा सके। अब जानकारी मिली है कि चीनी सरकार इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू कर रही है। रिपोर्ट्स की मानें तो चीन का टारगेट एक ऐसा जानवर पैदा करना है, जिसके अंदर ताकत चिंपैंजी की हो और वो इंसानों की तरह बोल सके। तो चलिए आज इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं चीन के इस नए कारनामे के बारे में... 
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ह्यूमन-चिंपैंजी की क्रॉस-ब्रीडिंग कर महामानव बना रहा चीन - फोटो : iStock
चीन के वैज्ञानिकों ने किया प्रयोग
  • रिपोर्ट्स की मानें तो चीन के वैज्ञानिकों ने महामानव बनाने के लिए एक फीमेल चिंपैंजी को ह्यूमन स्पर्म से प्रेग्नेंट कर दिया था। गर्भधारण के तीन महीने बाद फीमेल चिंपैंजी की मौत हो गई। बाद में इसे लेकर खुलासा किया गया कि ये प्रोजेक्ट शुरू तो किया गया था, लेकिन 1960 के दशक में देश में इसे विवादित प्रोजेक्ट मानकर बंद कर दिया गया था। 
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ह्यूमन-चिंपैंजी की क्रॉस-ब्रीडिंग कर महामानव बना रहा चीन - फोटो : iStock
  • इसके बाद 1980 के दशक में एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें 1960 के दशक में किए गए मानव-चिंपैंजी क्रॉसब्रीडिंग में एक प्रयोग की जानकारी दी गई थी। कहा तो ये भी जाता है कि चीन की सरकार ने इस परियोजना को फिर से शुरू करने के लिए कहा था। 

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ह्यूमन-चिंपैंजी की क्रॉस-ब्रीडिंग कर महामानव बना रहा चीन - फोटो : iStock
पहले भी हो चुके हैं ऐसे प्रयोग 
  • इसी तरह की खबर साल 2019 में आई थी, जिसके मुताबिक यूएस साल्क इंस्टीट्यूट फॉर बायोलॉजिकल स्टडीज के प्रोफेसर जुआन कार्लोस इजपिसुआ बेलमोंटे के नेतृत्व में वैज्ञानिकों को कथित तौर पर एक मानव और बंदर का हाइब्रिड तैयार किया था। ये 19 दिनों तक जीवित भी रहा था। 
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ह्यूमन-चिंपैंजी की क्रॉस-ब्रीडिंग कर महामानव बना रहा चीन - फोटो : iStock
रूस ने भी किया था ऐसा कारनामा 
  • कहा जाता है कि 1920 के दशक में रूस ने कुछ ऐसी ही कोशिश की थी। तानाशाह स्टालिन ने सोवियत वैज्ञानिकों को एक हाइब्रिड एप-मैन (बंदर-मानव) 'सुपर सैनिक' बनाने का आदेश दिया था, जो ऐसी परिस्थितियों में भी काम करने में सक्षम हो जहां आम इंसानों के लिए जीवित रहना मुश्किल था। इसका मकसद बेहद ताकतवर, लेकिन अविकसित दिमाग वाली मानव-बंदरों की एक सेना को बनाना था जो लचीली और भूख-प्रतिरोधी हो। हालांकि ये सफल नहीं हो सका। 
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