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Moon Mystery: ये हैं चंद्रमा के हैरान करने वाले छह रहस्य, वैज्ञानिक आज तक नहीं उठा पाए पर्दा

Wed, 09 Aug 2023 01:37 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
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6 mysteries of moon - फोटो : iStock
Moon Mystery: इंसान ने चांद पर पहला कदम 20 जुलाई 1969 को रखा था। अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रॉन्ग चांद पर पहुंचने वाले दुनिया के पहले इंसान थे। 50 साल बीत जाने के बाद भी दुनिया के लिए चांद रहस्य है। भारत का चंद्रयान 3 चांद पर कुछ ही दिनों में पहुंचने वाला है। चांद के रहस्यों को जानने का दुनिया को बेसब्री से इंतजार है। चंद्रमा आज भी विज्ञान के लिए एक बड़ी पहेली है। चंद्रमा के कुछ ऐसे रहस्य हैं जिनसे आज भी पर्दा नहीं उठाया जा सका है। 

कैसे बना चांद?

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के वैज्ञानिक नूह पेट्रो ने चांद के बड़े रहस्य के बारे में जानकारी दी है। नूह पेट्रो ग्रीनबेल्ट, मैरीलैंड में नासा के गोडार्ड स्पेसफ्लाइट सेंटर के रिसर्च साइंस्टिस और लूनर रिकोनाइसेंस ऑर्बिटर प्रोजेक्ट से जुड़े हैं। उनका कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण सवाल है कि आखिर चंद्रमा कैसे बना और इसका धरती से क्या संबंध है? इसके बाद बाकी सवाल आते हैं। 
 
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6 mysteries of moon - फोटो : iStock
उन्होंने बताया कि अपोलो 11 चांद की चट्टानों से जुटाई गई 50 पाउंड मिट्टी लेकर आया था, जिसके बाद चांद की उत्पत्ति को लेकर शोध किया गया। किसी का कहना है कि चांद पर एक महासागर था, तो कुछ लोगों का कहना है कि पिघले लावा से बनी एक विशाल गेंद है, पृथ्वी की परिक्रमा करती है। दशकों बाद, यह परिकल्पना आई कि चंद्रमा का जन्म धरती से ही हुआ है। लेकिन नूह के मुताबिक, यह परिकल्पना अभी तक आधी-अधूरी है।
 
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6 mysteries of moon - फोटो : iStock
कैसे हुई पानी की उत्पत्ति

चांद पर पानी की बात नहीं की जा रही है, बल्कि बर्फ के कई ढेरों के बारे में बात की जा रही है। चांद की सतह के नीचे यह बर्फ की ढेर है। नूह ने कहा कि इस पानी को इकट्ठा कर अंतरिक्ष यान के लिए नई तरह का ईंधन बनाया जा सकता है। नूह पेट्रो के मुताबिक, अभी तक यह रहस्य है कि इतना पानी-बर्फ चंद्रमा पर कैसे पहुंचा? हम निश्चित रूप से इसका पता लगाएंगे। 

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6 mysteries of moon - फोटो : iStock
चांद पर भूकंप

चांद पर आए दिन भूकंप आते रहते हैं। इस भूकंप को मूनक्वेक भी कहते हैं। अपोलो एज के सेसिमोमीटर्स ने सन् 1969 से 1977 तक भूकंप के झटकों को मापा है। डेटा से पता चला है कि चंद्रमा एक एक्टिव बॉडी है जो बासी बेजान चट्टान से काफी दूर है। लेकिन अभी 50 साल पुराने डेटा से इनको जानने की कोशिश की जा रही है। अभी वैज्ञानिक इस बात का पता नहीं लगा पाए हैं कि भूकंप की असली वजह क्या है? 

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6 mysteries of moon - फोटो : iStock
वैज्ञानिकों ने चांद का एक ही हिस्सा देखा है। इसका सिर्फ एक पक्ष पृथ्वी की तरफ है। सौर मंडल में यह चंद्रमाओं के लिए असामान्य बात नहीं है। लेकिन अभी तक भी साफ नहीं हो पाया है कि यह कब होता है, कौन सी स्थितियां इसकी वजह बनती हैं। 

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6 mysteries of moon - फोटो : iStock
चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव अभी एक रहस्य है और अनसुलझा हुआ है। इस जगह के कुछ इलाकों में बिल्कुल अंधेरा रहता है, जबकि कुछ जगहों पर छाया रहती है। छाया वाले इलाके को लेकर कहा जाता है कि यह पर बर्फ जमी है। चांद के दक्षिणी ध्रुव इलाके में कई गड्ढे ऐसे हैं, जिनमें के अंदरूनी हिस्से में सूरज की रोशनी नहीं जाती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दावा किया है कि अरबों सालों से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के कुछ गड्ढों पर सूरज की रोशनी नहीं पहुंची है। इस जगह पर तापमान -203 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।


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6 mysteries of moon - फोटो : Pixabay
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि चांद पर ज्वालामुखी है। शोध से पता चला है कि बीते 100 मिलियन सालों से चांद ज्वालामुखी सक्रिय है। नूह पेट्रो का कहना है कि किसी वैज्ञानिक को इतनी जानकारी नहीं है कि यह तय कर सके यह गतिविधि वास्तव में कैसी थी और इसने चंद्रमा के भू-विज्ञान पर क्या प्रभाव डाला। 
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