फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1000 साल पुरानी मूर्ति में छिपा था गहरा राज, जब खुला तो वैज्ञानिक भी रह गए दंग

Mon, 27 May 2019 04:21 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
प्राचीन बौद्ध प्रतिमा - फोटो : Meander Medical Centre/The Sun
चार साल पहले यानी साल 2015 में वैज्ञानिकों को चीन में एक 1000 साल पुरानी मूर्ति मिली थी। पहले तो वैज्ञानिकों को लगा कि यह सिर्फ एक मूर्ति है, लेकिन असल में उस मूर्ति के अंदर एक गहरा राज छुपा हुआ था, जिसके सामने आते ही वैज्ञानिक भी आश्चर्यचकित हो गए। 
विज्ञापन

2 of 5
प्राचीन बौद्ध प्रतिमा - फोटो : Meander Medical Centre/The Sun
वैज्ञानिकों ने हाल ही में उस मूर्ति की स्कैनिंग की तो उन्हें उसके अंदर हड्डियां दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने जैसे-जैसे जांच को आगे बढ़ाया, एक के बाद एक नए-नए रहस्यों से परदा उठता चला गया।  
विज्ञापन

3 of 5
प्राचीन बौद्ध प्रतिमा - फोटो : Meander Medical Centre/The Sun
दरअसल, 1000 साल पुरानी उस मूर्ति के अंदर एक बौद्ध भिक्षु का शव था, जिसे ममी बनाकर रख दिया गया था। बौद्ध भिक्षु साधना की अवस्था में थे। जांच में वैज्ञानिकों को पता चला कि उस बौद्ध भिक्षु का मृत्यु 1100 AD के आसपास हो गई थी। 

4 of 5
प्राचीन बौद्ध प्रतिमा - फोटो : Meander Medical Centre/The Sun
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ममी को देखने से ऐसा नहीं लगता कि बौद्ध भिक्षु ने आत्म-ममीकरण किया होगा यानी खुद से ममी बने होंगे। माना जा रहा है कि कुछ लोगों ने इस भिक्षु के शरीर पर लेप लगाया होगा ताकि मृत्यु के बाद उनका शव सालों तक सुरक्षित रह सके। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्राचीन बौद्ध प्रतिमा - फोटो : Meander Medical Centre/The Sun
वैज्ञानिकों द्वारा की गई जांच में ये बात भी सामने आई कि इस बौद्ध भिक्षु की मृत्यु 37 साल की आयु में हो गई होगी। माना जा रहा है कि यह झांग का अवशेष है, जिसे पैट्रिआर्क झांगगोंग और लियुक्वान झांगगोंग के नाम से जाना जाता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें