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इस बच्चे की हंसी के पीछे छुपा है गहरा दर्द, चाहकर भी माता-पिता नहीं छू सकते इसे

Tue, 01 Oct 2019 06:13 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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इस बच्चे को चाहकर भी नहीं छू सकते उसके माता-पिता - फोटो : Victor Nava
अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाले विक्टर नावा और उनकी पत्नी एड्रियाना दुनिया के उन बदनसीब माता-पिता में से एक हैं, जो अपने बच्चे को चाहकर भी छू नहीं सकते हैं। उनका बच्चा पांच महीने का हो चुका है, लेकिन आज तक उन्होंने उसे छुआ तक नहीं है, गले लगाना या प्यार करना तो दूर की बात है। इसके पीछे की वजह जानेंगे तो यकीनन आपकी आंखों में आंसू आ जाएंगे। 
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इस बच्चे को चाहकर भी नहीं छू सकते उसके माता-पिता - फोटो : Victor Nava
बच्चे का जन्म 14 मई, 2019 को कैलिफोर्निया के सेंट जोसेफ अस्पताल में हुआ था। बच्चे की मां एड्रियाना बताती हैं कि उन्होंने बड़े ही प्यार से अपने बच्चे का नाम एड्रीन रखा, लेकिन कुछ ही समय के बाद उन्हें पता चल गया कि उनके बच्चे के साथ कुछ को गड़बड़ है, क्योंकि वह बुरी तरह से कांप रहा था और दर्द के मारे रोए जा रहा था। 
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इस बच्चे को चाहकर भी नहीं छू सकते उसके माता-पिता - फोटो : Victor Nava
डॉक्टरों ने जब बच्चे की जांच की तो पता चला कि हैरान करने वाली बीमारी का पता चला। दरअसल, बच्चा 'एपीडरमोलिसिस बुल्लोसा' नामक त्वचा रोग से पीड़ित था। 'मेट्रो यूके' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह एक लाइलाज और दुर्लभ त्वचा रोग है, जो जानलेवा होती है। 

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इस बच्चे को चाहकर भी नहीं छू सकते उसके माता-पिता - फोटो : Victor Nava
'मेट्रो यूके' के मुताबिक, इस बीमारी की वजह से शरीर की त्वचा पर घाव हो जाते हैं और त्वचा अपने आप शरीर से हट जाती है। इस बीमारी में मरीज को हद से ज्यादा जलन होती है। आमतौर पर इस बीमारी से बच्चे के जन्म के पहले साल के दौरान ही मौत हो जाती है, क्योंकि इसका मृत्यु दर 80 फीसदी से भी ज्यादा है।   
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इस बच्चे को चाहकर भी नहीं छू सकते उसके माता-पिता - फोटो : Victor Nava
बच्चे के पिता विक्टर बताते हैं कि जब एड्रीन का जन्म हुआ था, तो वो बेहद ही खुश थे, लेकिन जब उन्होंने बच्चे की अति संवेदनशील त्वचा को देखा तो वो हैरान रह गए। उसकी त्वचा बिल्कुल किसी तितली की तरह थी, जो छूते ही हट जाती थी। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने अपने बच्चे की ये हालत देखी तो वो बिल्कुल शून्य में चले गए थे। उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा था। 
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इस बच्चे को चाहकर भी नहीं छू सकते उसके माता-पिता - फोटो : Victor Nava
विक्टर बताते हैं कि एड्रीन को इस बीमारी से लड़ते हुए देखना बहुत भयानक लगता है, उसे हर रोज दर्द से लड़ते देखकर निराशा होती है। हमारे लिए यह बिल्कुल भी आसान नहीं है, क्योंकि एड्रीन का दर्द देखकर न तो हम सही से कुछ खा पाते हैं और ना ही सो पाते हैं। 
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इस बच्चे को चाहकर भी नहीं छू सकते उसके माता-पिता - फोटो : Victor Nava
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एड्रीन को एंटीबायोटिक्स दवाएं दी जा रही हैं। उसके इलाज पर हर महीने 10-11 लाख रुपये खर्च होते हैं। अब चूंकि विक्टर और एड्रियाना के पास इतने पैसे हैं कि वो बच्चे का इलाज का इतना महंगा खर्च उठा सकें, इसलिए उन्होंने जन-सहयोग यानी क्राउड फंडिंग शुरू की है।
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