फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

440 जोड़ी सैंडलों से इस कलाकार ने सजाया घर, जानिए इसके पीछे की वजह

Thu, 10 Oct 2019 09:50 AM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 6
High Heels On Wall - फोटो : Social Media
यूं तो महिलाओं के खिलाफ हिंसा दुनिया के हर कोने में आम बात है लेकिन कुछ देश हैं जहां स्थिति कुछ ज्यादा ही गंभीर हो चुकी है। महिलाओं के खिलाफ हिंसा आज पूरी दुनिया में एक अहम मुद्दा है। सबसे ज्यादा दुख की बात यह है कि इन हिंसा के मामलों के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की संख्या भी बहुत कम है। महिलाओं के खिलाफ अपराध को गंभीरता से देखने की आवश्यकता है। इसी कोशिश में इस्तांबुल के एक तुर्की कलाकार ने घरेलू व यौन हिंसा के चलते अपनी जान गंवा देने वाली महिलाओं को श्रद्धांजलि देने का एक अनूठा तरीका इजाद किया है...
विज्ञापन

2 of 6
High Heels On Wall - फोटो : Social Media
इस्तांबुल में वर्ष 2018 में घरेलू और यौन हिंसा के चलते मरने वाली महिलाओं की संख्या 440 थी। इन महिलाओं को श्रद्धांजलि देने के लिए तुर्क कलाकार वाहित टूना ने एक अनोखा काम किया है। इस्तांबुल की एक व्यस्त सड़क पर स्थित एक इमारत की मुख्य दीवार पर 440 लेडिज सैंडलों से सजाया गया है।
विज्ञापन

3 of 6
High Heels On Wall - फोटो : Social Media
तुर्की में एक परंपरा के अनुसार मृत व्यक्ति की याद में घर के दरवाजे या मुहाने पर उसके जूतों को लगाया जाता है। इसी परंपरा की तर्ज पर टूना ने इमारत की दीवार पर 440 सैंडलों को लगाकर मृत महिलाओं को श्रद्धांजलि दी है।

4 of 6
High Heels On Wall - फोटो : Social Media
टूना ने महिलाओं पर होने वाले हिंसा पर कहा कि यह एक खुला घाव है जिससे रक्त रिसाव हो रहा है और लोगों का जिंदगी में पहली बार इससे सामना हो रहा है। टूना का मानना है कि इस घर के डिजाइन का लोगों पर प्रभाव पड़ेगा। टूना ने आगे कहा,'मेरा मानना है कि यह स्मृति स्मारक लोगों में जागरुकता लाएगा और उन्हें सोचने पर मजबूर करेगा।'
विज्ञापन

5 of 6
High Heels On Wall - फोटो : Social Media
इस अनोखे स्मारक को देखकर कई स्थानीय लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी। तुर्की बैंक कर्मी सेराप किलिक ने कहा,"सच कहूं तो मैं खुद को सड़क पर सुरक्षित महसूस नहीं करती हूं और यह दृश्य भयावह है। दीवार पर 440 जूतों के जोड़े हैं यह इस बात का प्रतीक हैं कि 2018 में 440 जानें बेवजह ही दुनिया से रुखसत हो गईं।" एक और बैंक कर्मी हिलाल कोसोग्लू ने कहा,"जब तक हम सब शांत रहेंगे महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ती रहेगी और यह हिंसा सिर्फ उनकी हत्या करना ही नहीं बल्कि उन्हें दबाकर चुप कराकर उनके मौलिक अधिकारों की हत्या करना भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
High Heels On Wall - फोटो : Social Media
वी विल स्टॉप फेमिसाइड प्लेटफार्म संस्था जो कि मृत्यु का रिकॉर्ड रखती है इसकी रिपोर्ट के अनुसार तुर्की में वर्ष 2018 में लगभग 440 महिलाओं की हत्या कर दी गई थी। संस्था की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार 49 महिलाओं की हत्या वर्ष 2019 के मई माह में ही कर दी गई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं को इस तरह की हिंसा से जूझना पड़ रहा है और कानून इसकी रोकथाम में असमर्थ दिखाई दे रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें