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अजब गजब: धरती पर सिर्फ इस जगह नहीं पहुंचा कोरोना, जानिए क्या है वजह

Fri, 18 Feb 2022 03:10 PM IST
राजेश मिश्रा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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धरती पर सिर्फ इस जगह नहीं पहुंचा कोरोना -प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
दुनिया भर में कोरोना महामारी ने खूब तबाही मचाई। कई लोगों को अपनी जान से भी हाथ धोना पड़ा। इस महामारी ने बच्चों से लेकर बड़ों तक किसी को भी नहीं छोड़ा। दरअसल, कोरोना एक ऐसी बीमारी है जो बहुत जल्दी फैलती है। इसका संक्रमण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बहुत तेजी से फैलता है। हालांकि, अभी भी ये बीमारी दुनिया से खत्म नहीं हुई है। एक के बाद एक लहर ने दस्तक देकर लोगों को दहशत में डाल दिया है। वैसे तो दुनियाभर में इसके लिए वैक्सीन भी उपलब्ध है, लेकिन इस बीमारी से बचने के लिए सावधानी ही उपाय है। दुनिया में शायद ही कोई ऐसी जगह हो जहां कोरोना का प्रभाव न देखा गया हो। हालांकि, ऐसा नहीं है दुनिया में एक ऐसी भी जगह है जहां कोरोना का एक भी मरीज नहीं मिला। दावा किया जा रहा है कि यहां पर कोरोना के एक भी मामले सामने नहीं आए हैं जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। आइए जानते हैं इस जगह के बारे में........
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धरती पर सिर्फ इस जगह नहीं पहुंचा कोरोना -प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
आपको जानकर हैरानी होगी कि ये जगह कहीं और नहीं भारत में ही है। वैसे यहां पहुंचना हर किसी के बस की बात नहीं है। भारत में ये जगह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में है। इस जगह का नाम सेंटिनल द्वीप है जो अंडमान-निकोबार के उत्तर में है। इस द्वीप पर यहां स्थानीय जनजाति के अलावा कोई दूसरा समुदाय नहीं रहता है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस द्वीप को दुनिया का सबसे एकांत जगह माना जाता है।
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धरती पर सिर्फ इस जगह नहीं पहुंचा कोरोना -प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
इस द्वीप पर एक बेहद ही खतरनाक जनजाति रहती है। ये जनजाति इस द्वीप पर लगभग 60 हजार सालों से निवास करती है। इस जनजाति के लोग आज भी पुरानी जीवन शैली से ही जीवन यापन करते हैं। इन्होंने आधुनिक जीवन शैली को पूरी तरह से नकार दिया है। इस जनजाति का भारत सहित पूरी दुनिया से कोई लेना देना नहीं है।

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धरती पर सिर्फ इस जगह नहीं पहुंचा कोरोना -प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना से बचने के लिए सबसे बड़ा हथियार है। अब ऐसे में इस द्वीप के लोगों ने पूरी दुनिया से दूरी बना रखी थी। इस द्वीप पर न कोई बाहर से आता और न ही कोई द्वीप से जाता है। इसीलिए यहां कोरोना संक्रमण का एक भी मरीज सामने नहीं आया। 
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धरती पर सिर्फ इस जगह नहीं पहुंचा कोरोना -प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
ये लोग तीर-धनुष चलाने में माहिर होते हैं। ये जनजाति खेती करना भी नहीं जानती है। इस द्वीप पर खूब घने जंगल हैं। इससे इनके पिछड़े होने का अनुमान लगाया जा सकता है। द्वीप के लोग अपना भरण-पोषण जंगली जानवरों का शिकार और फल खाकर करते हैं। यही कारण है कि कोरोना जैसी महामारी भी इनका कुछ नहीं बिगाड़ पाई।
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