इसके बाद इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर मौजूद एक टीम को तुरंत मामले की जांच में लगा दिया गया। हालांकि, वहां कोई खराबी नहीं मिलने के बाद कुईपर को मामले की जानकारी के लिए मेल करना पड़ा। आंद्रे के मुताबिक, आईएसएस से पृथ्वी पर लगाई गईं 70 फीसदी कॉल ही सफल होती हैं। हालांकि आंद्रे ने बाद में अपनी गलती मानी और नासा ने राहत की सांस ली।