Dog
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लेकिन 10 स्वस्थ बच्चों में से एक को मलेरिया बताने पर वे गलत भी साबित हुए।
इस शोध का नेतृत्व करने वाले डरहम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर स्टीव लिंड्से ने बताया कि वे परिणाम से सच में उत्साहित थे, लेकिन नियमित रूप से इस्तेमाल करने के लिए ये कुत्ते अभी पूरी तरह से तैयार नहीं थे। शोधकर्ताओं को अभी कुत्तों को और प्रशिक्षित करने और जुराब की जगह उनकी जांच इंसानों पर करवाये जाने की जरूरत है। इसके अलावा इसकी भी जांच करनी चाहिए कि ये कुत्ते मलेरिया के और भी प्रकार सूंघ सकते हैं या नहीं।