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उबलते तेल में डालकर अपराधियों को उतार दिया जाता था मौत के घाट, जानिए दुनिया की 7 सबसे क्रूर सजाओं के बारे में

Mon, 26 Oct 2020 10:38 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
अपहरण और हत्या के मामले में अमेरिकी कोर्ट ने एक महिला को मौत की सजा सुनाई है। 70 साल बाद अमेरिका में किसी को मौत की सजा मिलेगी। हालांकि, अमेरिका की अदालत ने भले ही 70 साल बाद किसी को मौत की सजा दी हो, लेकिन दुनिया के अलग-अलग देशों में इस तरह की क्रूर सजा देने का एक लंबा इतिहास है। ऐसे में आज हम आपको दुनिया के 7 ऐसे देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां इस तरह की खौफनाक सजा देने का प्रावधान रहा है...
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सिर काटना

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सजा - अपराधी का सिर कलम करना
देश - सऊदी अरब और इंग्लैंड
फैक्ट - 13वीं शताब्दी के दौरान इंग्लैंड में देशद्रोह के लिए भयानक सजा का प्रावधान था। इसके तहत अपराधियों को फांसी देने के बाद उनका सिर कलम किया जाता था। इतना ही नहीं अपराधियों की आंखें निकाल ली जाती थी और सार्वजनिक रुप से प्रदर्शन किया जाता था। वहीं सऊदी अरब में इस तरह की सजा को कानूनी तौर पर मान्यता मिली हुई है। एम्नेस्टी इंटरनेशनल के मुताबिक, साल 2019 में सऊदी अरब में अलग-अलग अपराध के मामले में 184 लोगों के सिर कलम कर दिए गए थे।
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फायरिंग दस्ते

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सजा - अपराध के मामले में गोली मारकर सामुहिक हत्या
देश - सोमालिया, गिनी, ईरान, नॉर्थ कोरिया, सऊदी अरब
फैक्ट - सोमालिया, गिनी, ईरान और नॉर्थ कोरिया में आज भी अपराधियों को फायरिंग दस्ते से सजा देने का प्रावधान है। साथ ही चीन में भी अपराधियों को इस तरह से सजा दी जाती है। एम्नेस्टी इंटरनेशनल के रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2012 में 682 तो साल 2013 में 778 लोगों को सरेआम फायरिंग दस्ते से उड़वा दिया गया था।

अपराधी को जलाना

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सजा - जिंदा जला देना
देश - मोरक्को, इंग्लैंड, अफ्रीकी देश
फैक्ट - मध्यकाल के समय पुरुषों और महिलाओं को राजद्रोह करने पर जला दिया जाता था। कई जानी-मानी हस्तियों को ये सजा अंग्रेजों द्वारा 1431 में दी गई थी। बता दें कि 1600 में इतालवी वैज्ञानिक और दार्शनिक जिओरडनो ब्रूनो को भी जिंदा जला दिया गया था। इसके अलावा कई देशों में जादू-टोना करने के आरोप में भी लोगों को सजा के तौर पर जलाकर मार दिया गया था।
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उबालना

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सजा - उबलते पानी या तेल में डालना
देश - इंग्लैंड
फैक्ट - आठवें हेनरी के कार्यकाल में खाने में जहर मिलाने पर आरोपी को पहली बार ऐसी सजा दी गई थी।1531 में रोचेस्टर के बिशप के खाने में कुक रिचर्ड रोजे ने जहर मिला दिया था, जिसे ये सजा दी गई थी। वहीं 1542 में मार्गरेट डेवी नाम की नौकरानी को मालकिन के खाने में जहर मिलाने के कारण सजा के तौर पर खौलते पानी में उबाला गया था। हालांकि, इस कानून को 1547 में रद्द कर दिया गया था।
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गर्दन से लटकाना

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सजा - राजद्रोह करने पर लटकाना
देश - इंग्लैंड
फैक्ट - इस तरह की सजा का प्रावधान 1241 में शुरू हुआ था। सजा के तौर पर अपराधी को घोड़ों से घसीटा जाता था और उसके मरने के पहले ही उसका गर्दन काट दिया जाता। इसके बाद शरीर के टुकड़ों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में भेजा जाता था, ताकि आगे कोई भी इस तरह का अपराध न करें।
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क्रुसिफिकेशन

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सजा - सूली पर लटकाना
देश - रोम
फैक्ट - 71 ईसा पूर्व में रोमन साम्राज्य के खिलाफ आवाज उठाने पर करीब 6000 से अधिक लोगों को सूली पर लटका दिया गया था। बता दें कि कुछ इसी तरह की सजा 2013 में सऊदी अरब में भी दी गई थी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
सजा - पत्थर से मारना
देश - उत्तरी अफ्रीका, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब
फैक्ट - प्राचीन प्रथा के मुताबिक, आज भी कई देशों में अपराध करने पर अपराधी को पत्थरों से मारा जाता है। विशेषतौर पर यह सजा उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में दी जाती है। साल 2019 में गे सेक्स के मामले भी ऐसी सजा दी गई थी। इंडोनेशिया, सोमालिया, सूडान, नाइजीरिया, इराक, पाकिस्तान सहित कई अन्य देशों में इस तरह से अपराधियों को सजा देने का प्रावधान है।
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