माता हारी
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डबल एजेंट 'माता हारी'
मार्गेथा गीरत्रुइदा मैकलियोड जिसे 'माता हारी' के नाम से जाना जाता है। माता हारी एक कामुक नृत्यांगना थीं, जिसे प्रथम विश्व युद्ध में जासूसी करने के आरोप में गोली मार दी गई। माता हारी की जिंदगी पर साल 1931 में हॉलीवुड फिल्म बनी जिसमें ग्रेटा गर्बो मुख्य भूमिका में थीं। मार्गेथा का जन्म हॉलैंड में हुआ था और शादी एक फौजी कैप्टन से। एक बुरे रिश्ते में फंसी मार्गेथा ने अपने नवजात बच्चे को भी खो दिया।
साल 1905 मार्गेथा ने खुद को 'माता हारी' की पहचान दी और इटली के मिलान स्थित ला स्काला और पेरिस के ओपेरा में एक कामुक नृत्यांगना बनकर उभरीं। अब मार्गेथा खो चुकी थीं और जो दुनिया में जो थी उसे लोग माता हारी के नाम से जानते थे। अपने पेशे के कारण उनके लिए सफर करना आसान था। इस कारण जर्मनी ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान माता हारी को पैसे के बदले जानकारियां साझा करने का प्रस्ताव दिया और इस तरह वह जर्मनी की जासूस बनीं।
माता हारी ने खुद तो किसी को नहीं मारा, लेकिन उनकी जासूसी ने लगभग 50 हजार फ्रांसिसी सैनिकों को मौत के घाट उतारा। इसके बाद फ्रांस को उन पर शक होने लगा। फरवरी 1917 में उन्हें पेरिस से गिरफ्तार कर लिया गया और अक्टूबर में उन्हें गोली मार दी गई। उनकी मौत के 100 साल बाद उनके अपराध पर बहस फिर शुरू हो गई। माता हरि को आज भी 'फेमिनिन सिडक्शन' और देश को धोखा देने वाले प्रतीक के रूप में देखा जाता है।