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दुनिया के वो 5 देश जहां निहत्थी घूमती है पुलिस, फिर भी नियंत्रण में रहता है अपराध

Thu, 20 Aug 2020 10:14 PM IST
नवनीत राठौर फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
किसी भी देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस की होती है। ऐसे में पुलिस को हथियार जरूरी होता है। लेकिन आज हम आपको ऐसे देशों के बारे में बताएंगे, जिन्होंने बगैर हथियार के मजबूत सुरक्षा तंत्र के साथ शांति और आंतरिक सुरक्षा की बेहतर तस्वीर पेश की है। तो आइए जानते हैं इन देशों के बारे में...
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आइसलैंड का झंडा - फोटो : सोशल मीडिया
आइसलैंड
वैसे तो तीन लाख की आबादी वाला आइसलैंड बहुत छोटा देश है। लेकिन इस देश की सबसे खास बात ये है कि यहां एक तिहाई नागरिकों के पास हथियार हैं। इसके बावजूद भी आइसलैंड में पुलिस ज्यादातर समय बिना हथियारों के घूमती है। आइसलैंड में अपराध बहुत कम है। नागरिकों के पास हथियार शिकार के लिए हैं। आइसलैंड में अपराध कम होने की मुख्य वजह ये भी है कि यहां लैंगिक असमानता बहुत कम है।
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आयरलैंड का झंडा - फोटो : सोशल मीडिया
आयरलैंड
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आयरलैंड में सिर्फ 20 से 25 फीसदी पुलिस अफसर ही बंदूक जैसे हथियार चलाना जानते हैं। इसके बावजूद भी आयरलैंड में अपराध की दर बहुत कम है।

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ब्रिटेन का झंडा - फोटो : सोशल मीडिया
ब्रिटेन
ब्रिटेन एक ऐसा देश है, जहां पुलिस खुद हथियार नहीं रखना चाहती है। यहां पेट्रोलिंग के दौरान पुलिसकर्मी बिना हथियारों के घूमते हैं। क्योंकि उनका मानना है कि पैट्रोलिंग के समय नागरिकों की रक्षा का कर्तव्य पुलिस का होता है और नागरिकों को बिना झिझके पुलिस की मदद लेने का हक होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड में केवल एक दर्जन पुलिसकर्मी ही अपने साथ हैंडगन रखते हैं। क्रिमिनोलॉजी प्रोफेसर जॉन बटल ने लिखा था कि न्यूजीलैंड में हथियार न रखने पर पुलिस अफसर ज्यादा सुरक्षित हैं।
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नार्वे का झंडा - फोटो : सोशल मीडिया
नार्वे
नार्वे पुलिस का मानना है कि निहत्थी पुलिस आतंकवाद के डर से बेहतर है। साल 2011 में एक हथियारबंद व्यक्ति ने यहां समर कैंप पर हमला कर 77 लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। लेकिन पुलिस ने देर से और ढीले ढंग से प्रतिक्रिया दी, जिससे नार्वे के लोग काफी नाराज थे। इस त्रासदी के बावजूद भी नॉर्वे की पुलिस ज्यादातर निहत्थी ही रहती है।
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