एक दूसरे को सिंदूर लगातीं महिलाएं
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सिंदूर खेला: 400 वर्षों से चली आ रही परंपरा
सिंदूर खेला या सिंदूर की होली की यह परंपरा बंगाली समाज में लगभग 400 वर्षों से चली आ रही है। महिलाओं के लिए यह विशेष अवसर होता है, जब वे एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर देवी दुर्गा से सुख, समृद्धि और परिवार की भलाई के लिए प्रार्थना करती हैं। इसके बाद महिलाएं देवी दुर्गा को पान के पत्ते से उनके गाल को छूकर विदाई देती हैं। फिर अगले वर्ष पुनः आने का निमंत्रण देती हैं। देवी दुर्गा के मुंह मीठा कराने के बाद उन्हें विदाई दी जाती है, जो इस परंपरा का मुख्य हिस्सा होता है।