स्मार्टफोन बनाने वाली टेक्नोलॉजी की दिग्गज कंपनी Xiaomi (शाओमी) कथित तौर पर अपनी इलेक्ट्रिक कार के उत्पादन में तेजी लाने के लिए चीन में एक प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता के साथ बातचीत कर रही है। एक ताजा मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक Xiaomi इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के लिए Beijing Automotive Group Co. (बीजिंग ऑटोमोटिव ग्रुप कंपनी) के साथ साझेदारी करने की योजना बना रही है। कंपनी इससे पहले साल 2024 में अपनी कार खुद बनाने का वादा कर चुकी है।
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Xiaomi Electric Car Prototype
- फोटो : Xiaomi
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो वर्षों में यह काम को पूरा करने के लिए, Xiaomi बीजिंग ह्यूंदै नंबर 2 प्लांट में हिस्सेदारी खरीदने की भी योजना बना रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फैक्ट्री को चीन में कार बनाने का पूरी तरह से लाइसेंस है। इसने सौदे के बारे में जानकार लोगों का हवाला देते हुए दावा किया कि Xiaomi एक प्रोडक्शन टाई-अप पर नजर गड़ाए हुए है। चीनी स्मार्टफोन निर्माता को इस समय कार बनाने के लिए लाइसेंस हासिल करने में देरी का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट बताती है कि Xiaomi बीजिंग ऑटोमोटिव के EV ब्रांड BAIC BluePark New Energy Technology (ब्लूपार्क न्यू एनर्जी टेक्नोलॉजी) के साथ साझेदारी करेगा। प्लांट नंबर 2 वर्तमान में नई इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण के लिए पूरी तरह लैस नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईवी ब्रांड ब्लूपार्क की उत्पादन क्षमता है जिसका इस्तेमाल Xiaomi-BAIC वाहन बनाने के लिए किया जा सकता है।
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Xiaomi Electric Car
- फोटो : For Reference Only
हालांकि बातचीत अभी भी जारी है, इसलिए अंतिम सौदा अभी बहुत दूर हो सकता है। Xiaomi ने साझेदारी के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। कंपनी के सह-संस्थापक लेई जून ने Xiaomi इलेक्ट्रिक कारों के उत्पादन में 10 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया था। Xiaomi ने पिछले साल इलेक्ट्रिक वाहन बनाने में अपनी दिलचस्पी का एलान किया और कंपनी ने इस साल की शुरुआत में अपनी पहली EV फैक्ट्री का निर्माण शुरू किया। विचाराधीन प्लांट की क्षमता 3 लाख यूनिट्स होने की उम्मीद है।
Xiaomi टेक्नोलॉजी के क्षेत्र की अकेली कंपनी नहीं है जो ईवी सेक्टर में उतरने की तैयारी कर रही है। अमेरिकी दिग्गज एपल भी 2025 की शुरुआत में अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार पेश करने की योजना बना रही है। हालांकि, कंपनी टाइटन प्रोजेक्ट को विकसित करने में कई परेशानियों का सामना कर रही है।