गाड़ियों में मिलने वाला साइलेंसर धूएं को बाहर निकालता है, लेकिन इसके महंगे होने की एक खास वजह है, जो इसे चोरों के निशाने पर रखती है।
विज्ञापन
कुछ गाड़ियों के साइलेंसर दुर्लभ होते हैं
2 of 6
कुछ गाड़ियों के साइलेंसर दुर्लभ होते हैं
- फोटो : Freepik
कुछ खास मॉडल की गाड़ियों के साइलेंसर बाजार में आसानी से नहीं मिलते। इनकी उपलब्धता कम होने के कारण इनकी कीमत ज्यादा होती है, जिससे ये चोरी होने का खतरा बना रहता है।
विज्ञापन
ब्रांडेड साइलेंसर की अलग पहचान
3 of 6
Car Silencer
- फोटो : Social Media
कुछ कंपनियों के साइलेंसर अपनी गुणवत्ता और बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए जाने जाते हैं। इनकी कीमत ज्यादा होती है और यही कारण है कि इन पर चोरों की नजर रहती है।
महंगे मेटल का इस्तेमाल
4 of 6
महंगे मेटल का इस्तेमाल
- फोटो : Social Media
साइलेंसर बनाने में स्टेनलेस स्टील और टाइटेनियम जैसी महंगी धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है। ये धातुएं साइलेंसर को मजबूत और हल्का बनाती हैं, लेकिन इसकी लागत भी बढ़ा देती हैं।
विज्ञापन
साइलेंसर का जटिल डिजाइन
5 of 6
साइलेंसर का जटिल डिजाइन
- फोटो : Social Media
साइलेंसर सिर्फ इंजन की आवाज कम करने के लिए नहीं होता, बल्कि इसके परफॉर्मेंस को भी बेहतर बनाता है। इसके जटिल डिजाइन के कारण इसे बनाने में ज्यादा खर्च आता है, जिससे इसकी कीमत बढ़ जाती है।
साइलेंसर में लगे कैटलिटिक कन्वर्टर में प्लैटिनम, पैलेडियम और रोडियम जैसी महंगी धातुएं होती हैं। ये धातुएं जहरीली गैसों को कम हानिकारक गैसों में बदलने का काम करती हैं। इन धातुओं की कीमत बहुत ज्यादा होती है, इसलिए चोर इन्हें चुराने की फिराक में रहते हैं।