हाल ही में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) एक अनोखे विवाद को लेकर सुर्खियों में आ गया। बीएमसी द्वारा अपने शीर्ष अधिकारियों और नेताओं के लिए नई महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन (Mahindra Scorpio-N) एसयूवी का काफिला खरीदे जाने के 6 महीने से भी कम समय के भीतर, इन्हें बदलकर अधिक महंगी टोयोटा इनोवा क्रिस्टा (Toyota Innova Crysta) खरीदने का प्रस्ताव पेश किया गया। अधिकारियों की आधिकारिक शिकायत क्या थी? उनका कहना था कि स्कॉर्पियो-एन में सफर के दौरान "बहुत झटके" लगते हैं। जिससे पिछली सीट पर बैठने वाले अधिकारियों को पीठ में गंभीर दर्द की समस्या हो रही है।
लगभग 20 लाख रुपये की एसयूवी को बदलकर 23 लाख रुपये की एमपीवी खरीदने का राजनीतिक पहलू भले ही बहस का विषय हो। लेकिन ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग के नजरिए से देखें तो बीएमसी अधिकारियों की यह शिकायत वैज्ञानिक रूप से बिल्कुल सही है।
कार खरीदारों के मन में यह बड़ा सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन और टोयोटा इनोवा क्रिस्टा दोनों ही एक जैसे मजबूत और भारी "लैडर-फ्रेम" चेसिस पर बनी हैं। तो फिर एक में पीठ दर्द होता है और दूसरी को ड्राइवर-ड्रिवन आराम के लिए सर्वश्रेष्ठ क्यों माना जाता है? आइए इसके पीछे के वाहन गतिकी (व्हीकल डायनैमिक्स) के विज्ञान को आसान भाषा में समझते हैं।