ज्यादातर लोग शायद यह जानते होंगे कि देश का सबसे लंबे एक्सप्रेसवे कौन सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कौन सा टोल प्लाजा से सबसे ज्यादा पैसे जमा होते हैं? इसका उत्तर खोजना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
ज्यादातर लोग शायद यह जानते होंगे कि देश का सबसे लंबे एक्सप्रेसवे कौन सा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कौन सा टोल प्लाजा से सबसे ज्यादा पैसे जमा होते हैं? इसका उत्तर खोजना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जैसे-जैसे देश भर में एक्सप्रेसवे की संख्या बढ़ती जा रही है, वैसे-वैसे उनसे टोल राजस्व भी तेजी से बढ़ रहा है। हाल के आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर में टोल संग्रह पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रहा।
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Bengaluru-Mysuru National Highway
- फोटो : X/@nitin_gadkari
आईआरबी इंफ्रा डेवलपर्स लिमिटेड और आईआरबी इंफ्रा ट्रस्ट ने आंकड़े जारी किए हैं, जिनसे पता चलता है कि देश में टोल संग्रह में 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जो दिसंबर 2024 में कुल 580 करोड़ रुपये हो गया, जबकि दिसंबर 2023 में यह 488 करोड़ रुपये था।
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Meerut-Delhi Expressway
- फोटो : एएनआई
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड और आईआरबी इंफ्रा ट्रस्ट के डिप्टी सीईओ अमिताभ मुरारका ने कहा, "इस महीने हमने अपने पोर्टफोलियो में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी है। भविष्य को देखते हुए, हम आशावादी हैं कि टोल संग्रह में यह बढ़ोतरी जारी रहेगी। जिसे भारत की मजबूत जीडीपी बढ़ोतरी से बढ़ावा मिलेगा। जिससे 12 राज्यों में फैले हमारे नेटवर्क में वाहन यातायात में बढ़ोतरी होगी।"
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Mumbai-Nagpur Expressway
- फोटो : X/@Dev_Fadnavis
आंकड़ों के अनुसार, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे ने दिसंबर 2024 में सबसे ज्यादा 163 करोड़ रुपये टोल राजस्व दर्ज किया। जो दिसंबर 2023 में 158.4 करोड़ रुपये से ज्यादा है। उल्लेखनीय बात यह है कि यह एक्सप्रेसवे सिर्फ 94.5 किलोमीटर की दूरी तय करता है। यह दर्शाता है कि 100 किलोमीटर से कम की दूरी होने के बावजूद इसने देश में सबसे ज्यादा टोल संग्रह हासिल किया है।
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Delhi Mumbai Expressway
- फोटो : X/@nitin_gadkari
आईआरबी ने बताया कि अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे और एनएच 48 ने दिसंबर 2024 में 70.7 करोड़ रुपये कमाए। जो पिछले साल के 66 करोड़ रुपये से ज्यादा है। चित्तौड़गढ़ से गुलाबपुरा तक एनएच 79 ने दिसंबर 2023 में 31.5 करोड़ रुपये कमाए, जो दिसंबर 2024 में बढ़कर 33.3 करोड़ रुपये हो गए। इसी तरह, उदयपुर से श्यामलाजी तक एनएच 48 ने दिसंबर 2024 में 27.6 करोड़ रुपये कमाए, जबकि दिसंबर 2023 में यह 26.3 करोड़ रुपये था।
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Bengaluru-Mysuru National Highway
- फोटो : PTI
कारवार से कुंदापुरा तक NH66 ने दिसंबर 2024 में 13.4 करोड़ रुपये का कलेक्शन दर्ज किया। जो दिसंबर 2023 में 12.9 करोड़ रुपये से थोड़ी बढ़ोतरी है। सोलापुर से येदाशी तक NH211 ने दोनों वर्षों के लिए 11.4 करोड़ रुपये का स्थिर टोल संग्रह बनाए रखा।
हैदराबाद आउटर रिंग रोड में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। जिसने दिसंबर 2024 में 71.3 करोड़ रुपये एकत्र किए, जो दिसंबर 2023 में 62.7 करोड़ रुपये थे। समाख्याली से संतालपुर तक NH27 ने भी पर्याप्त वृद्धि का अनुभव किया, जिसमें दिसंबर 2024 में संग्रह 13 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। जबकि दिसंबर 2023 में यह सिर्फ 1.6 करोड़ रुपये था।