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EV Braking: क्या है रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग, 100 साल पुराना आइडिया जिसने इलेक्ट्रिक कारों की एफिशिएंसी बदल दी

Thu, 15 Jan 2026 09:06 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रीजेनरेटिव ब्रेकिंग, जिसे अब इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों में सबसे जरूरी एफिशिएंसी फीचर में से एक माना जाता है, ज्यादातर लोगों की सोच से कहीं ज्यादा पुरानी है।
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Electric Car - फोटो : Volkswagen
आज जिसे हम इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की सबसे अहम तकनीक मानते हैं, वह रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग दरअसल कोई नई खोज नहीं है। इसकी मूल अवधारणा सौ साल से भी ज्यादा पुरानी है, जब इलेक्ट्रिक मोटरों पर शुरुआती प्रयोग किए जा रहे थे। उस दौर के इंजीनियरों ने पाया कि इलेक्ट्रिक मोटर सिर्फ वाहन को चलाती ही नहीं, बल्कि कुछ हालात में बिजली भी पैदा कर सकती है।

शुरुआती इंजीनियरों ने क्या खास बात देखी थी?
19वीं सदी के अंत में, जब इलेक्ट्रिक मोटरों का इस्तेमाल शुरू हुआ, तब एक दिलचस्प व्यवहार सामने आया।
  • जब मोटर को बिजली दी जाती है, तो वह पहियों को घुमाकर वाहन चलाती है
  • लेकिन जब पहिए खुद मोटर को घुमाते हैं, तो वही मोटर जनरेटर की तरह काम करने लगती है
  • इस प्रक्रिया में मोटर वाहन की गति को धीमा भी करती है
हालांकि उस समय इस्तेमाल होने वाली लेड-एसिड बैटरियां भारी थीं, जल्दी चार्ज नहीं होती थीं और उनकी क्षमता बेहद सीमित थी। इस वजह से पैदा हुई बिजली को उपयोगी रूप में सहेजना संभव नहीं था।

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Car Driving - फोटो : Adobe Stock
कारों से बाहर यह तकनीक कैसे जिंदा रही?
20वीं सदी में पेट्रोल और डीजल इंजन हावी हो गए, जिससे सड़क पर इलेक्ट्रिक मोटरों की मौजूदगी लगभग खत्म हो गई।
  • पेट्रोल इंजन मैकेनिकल मूवमेंट को बिजली में नहीं बदल सकते
  • इसलिए ब्रेक लगाने पर सारी ऊर्जा गर्मी के रूप में बर्बाद हो जाती थी
  • लेकिन यह विचार पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
  • इलेक्ट्रिक ट्रेन, ट्राम और लोकोमोटिव ब्रेकिंग के दौरान पैदा हुई बिजली को वापस पावर ग्रिड में भेजने लगे।
  • कारें सिर्फ बैटरी तकनीक की सीमाओं की वजह से इससे वंचित रहीं।

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Leapmotor C10 - फोटो : Stellantis
हाइब्रिड कारों ने इस विचार को दोबारा कैसे जिंदा किया?
20वीं सदी के आखिरी वर्षों में हालात बदलने लगे।
  • बैटरी केमिस्ट्री में सुधार
  • सेमीकंडक्टर और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स का विकास
इन सबने मिलकर रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग को व्यावहारिक बना दिया। 1997 में आई Toyota Prius पहली ऐसी कारों में से थी, जिसने इसे बड़े पैमाने पर अपनाया।
  • मोटर, इन्वर्टर और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम
  • मिलकर ब्रेकिंग के दौरान ऊर्जा को स्टोर करने लगे
  • इससे ब्रेक का घिसाव कम हुआ
  • ईंधन एफिशिएंसी बेहतर हुई
  • और सेफ्टी से कोई समझौता नहीं हुआ

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Car Driving - फोटो : Adobe Stock
रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग असल में काम कैसे करती है?
जब आप ईवी में एक्सीलरेटर छोड़ते हैं या ब्रेक दबाते हैं:
  • इलेक्ट्रिक मोटर जनरेटर मोड में चली जाती है
  • वाहन की गति का विरोध करती है
  • और बिजली पैदा करती है
इसके बाद:
  • इन्वर्टर उस बिजली के प्रवाह को कंट्रोल करता है
  • बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम तय करता है कि बैटरी कितनी चार्ज स्वीकार कर सकती है
  • इससे वाहन धीरे और स्मूद तरीके से रुकता है और पारंपरिक ब्रेक्स पर निर्भरता घटती है।

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पूरी तरह इलेक्ट्रिक कारों में यह तकनीक इतनी जरूरी क्यों है?
  • पेट्रोल कारों में इंजन ब्रेकिंग प्राकृतिक रूप से होती है, लेकिन ईवी में ऐसा नहीं होता।
  • बिना रिजेनेरेशन के ईवी लंबे समय तक फ्री-रोल करती रहेगी
मॉडर्न ईवी में:
  • एक्सीलरेटर छोड़ते ही रिजेनेरेशन शुरू हो जाता है
  • बैटरी दोबारा चार्ज होती है
  • शहर के स्टॉप-स्टार्ट ट्रैफिक में रेंज में साफ इजाफा होता है
कुछ ईवी में ड्राइवर
  • रिजेनेरेशन का लेवल एडजस्ट कर सकता है
  • या वन-पेडल ड्राइविंग का इस्तेमाल कर सकता है
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Car Driving in Hills - फोटो : AI
पहाड़ी इलाकों में रिजेनेरेशन की असली ताकत कैसे दिखती है?
पहाड़ी रास्तों पर ड्राइविंग इस तकनीक के दोनों पहलू दिखाती है।

चढ़ाई पर
  • मोटर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है
  • बैटरी तेजी से खर्च होती है

लेकिन उतराई पर
  • गुरुत्वाकर्षण मोटर को घुमाता है
  • रिजेनेरेशन ज्यादा प्रभावी हो जाता है

इससे
  • बैटरी में फिर से अच्छी खासी चार्जिंग होती है
  • ब्रेक पैड्स कम घिसते हैं
  • ड्राइवर को बिना ज्यादा ब्रेक दबाए नियंत्रित स्पीड मिलती है

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Car Driving - फोटो : Adobe Stock
सौ साल पुराना आइडिया आज क्यों कामयाब हुआ?
रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग की सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह कोई नई खोज नहीं, बल्कि एक पुराना विचार है, जिसे सही तकनीक का इंतजार था।
  • 1800 के दशक में इसका सिद्धांत समझ लिया गया था
  • लेकिन आधुनिक बैटरियां, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंट्रोल सिस्टम ही
  • इसे रोजमर्रा की कारों के लिए उपयोगी बना पाए
आज यही तकनीक इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की हाई एफिशिएंसी की बड़ी वजह है। यह दिखाती है कि असली क्रांति अक्सर नई खोज से नहीं, बल्कि पुराने विचारों को सही तरीके से लागू करने से आती है।

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