Volkswagen (फॉक्सवैगन) ने एलान किया है कि वह नए साल की 1 जनवरी से Polo (पोलो), Vento (वेंटो) और मिड-साइज एसयूवी Taigun (ताइगुन) की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी।
Volkswagen (फॉक्सवैगन) ने एलान किया है कि वह नए साल की 1 जनवरी से Polo (पोलो), Vento (वेंटो) और मिड-साइज एसयूवी Taigun (ताइगुन) की कीमतों में बढ़ोतरी करेगी। फॉक्सवैगन अब उन कई कार निर्माताओं में से एक है जिन्होंने जनवरी से कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि की है। देश में कई अन्य ब्रांडों की तरह, फॉक्सवैगन ने कीमतों में बढ़ोतरी के लिए बढ़ती इनपुट और परिचालन लागत को जिम्मेदार ठहराया है।
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Volkswagen Polo Comfortline TSI AT
- फोटो : Volkswagen
कितनी बढ़ेगी कीमत
मॉडल और वैरिएंट के आधार पर कीमतों में बढ़ोतरी 2 प्रतिशत से 5 प्रतिशत के बीच होगी। फॉक्सवैगन पैसेंजर कार्स इंडिया के ब्रांड निदेशक आशीष गुप्ता ने कहा, "इनपुट और परिचालन लागत में अच्छी-खासी बढ़ोतरी के कारण, हमने अपने उत्पाद की कीमतों को 2 प्रतिशत से 5 प्रतिशत तक बढ़ाने और ग्राहकों पर पड़ने वाले प्रभाव को न्यूनतम स्तर पर रखने का फैसला किया है। वर्षों से हमारा प्रयास हमारे ब्रांड, उत्पादों और सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने और फॉक्सवैगन को हमारे ग्राहकों के बीच पसंद के ब्रांड के रूप में स्थापित करने का रहा है।"
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Volkswagen Polo GT Matte and Volkswagen Vento Matte Edition
- फोटो : Volkswagen
इस समय में, फॉक्सवैगन ऊपर बताए गए मॉडल के साथ-साथ Tiguan (टिगुआन) और Tiguan AllSpace (टिगुआन ऑलस्पेस) जैसे कई मॉडल पेश करता है। लेकिन सभी की निगाहें एक मिड-साइज सेडान पर भी टिकी होंगी जो 2022 की शुरुआत में भारतीय बाजार में लॉन्च के लिए तैयार है।
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Volkswagen Taigun
- फोटो : Volkswagen
जबकि नए उत्पादों से मांग बढ़ने की संभावना है, दुनिया भर में बढ़ती लागत और सेमिकंडक्टर चिप की कमी को एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, ऑडी और मर्सिडीज जैसी अन्य कारों ने पहले ही कीमतों में बढ़ोतरी की पुष्टि कर दी है।
फिर ओमिक्रॉन मामलों की बढ़ती संख्या के कारण भारत में कोविड-19 महामारी की संभावित तीसरी लहर के बारे में अनिश्चितता है। महामारी की वजह से पर्सनल मोबिलिटी ऑप्शन की मांग में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में कोई भी संभावित लॉकडाउन पहले से ही विस्तारित उत्पादन और आपूर्ति लाइनों को बाधित कर सकता है।