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Vehicle Insurance: थर्ड पार्टी बीमा नहीं है? तो आपको ईंधन या फास्टैग नहीं मिलेगा, जल्द ही आने वाले हैं नए नियम

Tue, 28 Jan 2025 01:45 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को थर्ड पार्टी बीमा को बढ़ावा देने के मकसद से उपायों पर विचार करने का निर्देश दिया है। इन उपायों में बिना बीमा वाले वाहनों को ईंधन भरने या फास्टैग लेन का इस्तेमाल करने से रोकना शामिल है। 
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Car Insurance - फोटो : Freepik
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को थर्ड पार्टी बीमा को बढ़ावा देने के मकसद से उपायों पर विचार करने का निर्देश दिया है। इन उपायों में बिना बीमा वाले वाहनों को ईंधन भरने या फास्टैग लेन का इस्तेमाल करने से रोकना शामिल है। इसके अलावा, मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया है कि बिना बीमा वाले वाहन मालिकों के ड्राइविंग लाइसेंस का रिन्युअल (नवीनीकरण) नहीं किया जाएगा।
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Car Insurance - फोटो : Freepik
मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत सभी वाहनों के लिए थर्ड पार्टी बीमा अनिवार्य है। इस तरह का बीमा दुर्घटना में किसी थर्ड पार्टी (तीसरे पक्ष) को हुए नुकसान के लिए मुआवजा प्रदान करता है। हालांकि, कानूनी जरूरत के बावजूद, भारतीय सड़कों पर आधे से ज्यादा वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं। थर्ड पार्टी बीमा के बिना गाड़ी चलाना एक अपराध है, जिसके लिए पहली बार अपराध करने पर 2,000 रुपये का जुर्माना, तीन महीने तक की कैद या दोनों हो सकते हैं। बार-बार अपराध करने पर जुर्माना बढ़कर 4,000 रुपये हो जाता है।
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Car Insurance - फोटो : FREEPIK
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्रालय जल्द ही वाहन सेवा नियमों में बदलाव करने के लिए प्रस्तावों पर भी विचार कर रहा है। जिसमें वाहन से संबंधित सेवाओं को बीमा कवरेज के प्रमाण के साथ जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इन नए नियमों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।

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Fastag - फोटो : PTI
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने थर्ड पार्टी बीमा को बढ़ावा देने के लिए उपायों का प्रस्ताव दिया है। जिसमें बिना बीमा वाले वाहनों को ईंधन भरने और फास्टैग लेन का इस्तेमाल करने से रोकना शामिल है। साथ ही वाहन सेवाओं को बीमा कवरेज से जोड़ने पर भी विचार किया जा रहा है।

इसी के अनुरूप, संसदीय स्थायी समिति ने थर्ड पार्टी बीमा कवरेज को बढ़ाने के संबंध में सरकार को सिफारिशें पेश की हैं। समिति ने वाहन पंजीकरण और बीमा स्थिति की व्यापक निगरानी सुनिश्चित करने के लिए डेटा एकीकरण, ई-चालान और अलग-अलग राज्यों को डेटा रिपोर्टिंग बढ़ाने की भी वकालत की है।
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Petrol Pump - फोटो : Adobe Stock
भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के अनुसार, 2024 में भारतीय सड़कों पर चलने वाले अनुमानित 35-40 करोड़ वाहनों में से सिर्फ 50 प्रतिशत ही थर्ड-पार्टी बीमा द्वारा कवर किए गए हैं।

इसके अलावा, बीमा सत्यापन को FASTag (फास्टैग) और अन्य डिजिटल सेवाओं से जोड़ने से प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सकता है। जिससे यह ज्यादा कुशल और प्रभावी बन सकता है।
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