अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका उन देशों पर वही शुल्क लगाएगा, जो वे अमेरिकी सामान पर लगाते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक के दौरान, उन्होंने खासतौर पर भारत द्वारा अमेरिकी हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर लगाए गए ऊंचे शुल्क का जिक्र किया।
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डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : पीटीआई
अपने दूसरे कार्यकाल में, ट्रंप ने 'रिसिप्रोकल टैरिफ' (पारस्परिक शुल्क) की वकालत की और इसे निष्पक्ष व्यापार नीति के लिए जरूरी बताया। उन्होंने पहले ही कनाडा और मैक्सिको से आयातित कुछ वस्तुओं पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है, हालांकि इसे फरवरी के आखिर तक रोक दिया गया है। उन्होंने यूरोपीय संघ, चीन और भारत जैसे देशों पर भी ऊंचे शुल्क लगाने का संकेत दिया।
उन्होंने कहा, "हम अब एक पारस्परिक राष्ट्र हैं... हम वही करेंगे जो दूसरे देश हमारे साथ करते हैं। भारत हमसे जितना शुल्क वसूलता है, हम भी उन पर उतना ही शुल्क लगाएंगे, और मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से न्यायसंगत है।" ट्रंप ने यह भी याद दिलाया कि, "मुझे याद है जब हार्ले-डेविडसन भारत में अपनी मोटरसाइकिलें नहीं बेच पाई थी, क्योंकि भारत में शुल्क बहुत ज्यादा था। कंपनी को मजबूर होकर भारत में फैक्ट्री लगानी पड़ी ताकि वह इन ऊंचे करों से बच सके।"
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नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एएनआई (फाइल)
भारत और अमेरिका के व्यापारिक संबंध
भारत और अमेरिका एक-दूसरे के महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार हैं। लेकिन ट्रंप की शुल्क नीति किसी एक देश को टारगेट नहीं कर रही है। वे घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना चाहते हैं और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में अमेरिकियों के लिए नौकरियां पैदा करने का वादा किया था। उनकी मंशा है कि अमेरिकी कंपनियां अपने उत्पादन संयंत्र अमेरिका में स्थापित करें, बजाय इसके कि वे विदेशों से बड़े पैमाने पर उत्पाद आयात करें।
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Harley Davidson X440
- फोटो : Harley Davidson
भारत में हार्ले-डेविडसन का सफर
हार्ले-डेविडसन ने 2009 में भारतीय बाजार में प्रवेश किया और 2010 में अपनी पहली डीलरशिप खोली। अमेरिका में भी एक प्रीमियम ब्रांड माने जाने वाली हार्ले-डेविडसन ने शुरू में स्पोर्टस्टर, डाइना, वीआरएससी, सॉफ्टेल और सीवीओ मॉडल्स को आयात के जरिए बेचना शुरू किया। बाद में कंपनी ने कुछ मॉडलों की असेंबली भारत में भी शुरू की। स्ट्रीट 500 और 750 मॉडल्स को हरियाणा के बावल में बनाया गया।
हालांकि, भारत के विशाल दोपहिया बाजार में प्रीमियम सेगमेंट में कामयाब होना आसान नहीं था। सितंबर 2020 में, कंपनी ने भारत से अपना कारोबार समेटने का एलान किया, जिसकी वजह कमजोर बिक्री और कम मांग रही। हालांकि, यह पूरी तरह से अलविदा नहीं था।
अक्तूबर 2020 में, हार्ले-डेविडसन ने भारत की हीरो मोटोकॉर्प के साथ साझेदारी की, जिसके तहत हीरो भारत में हार्ले की बाइक्स बेचने और सर्विस देने का काम करेगा। 2023 तक, दोनों कंपनियों ने मिलकर पहली बाइक 'हार्ले-डेविडसन X440' लॉन्च की। जिसकी एक्स-शोरूम कीमत करीब ढाई लाख रुपये रखी गई।