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Auto Tariffs: टैरिफ बढ़ने के डर से अमेरिका में कार खरीदने की होड़, कुछ कंपनियों को नजर आया बिक्री का मौका!

Sat, 29 Mar 2025 03:31 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अमेरिका के ऑटो बाजार में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है। ग्राहक तेजी से शोरूम का रुख कर रहे हैं क्योंकि 3 अप्रैल से आयातित कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने वाला है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए कार निर्माता कंपनियां तेजी से वाहन डिलीवर कर रही हैं, डीलर अपने स्टॉक का प्रबंधन करने की रणनीति बना रहे हैं।
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Automobile Industry - फोटो : Adobe Stock
अमेरिका के ऑटो बाजार में इन दिनों जबरदस्त हलचल मची हुई है। ग्राहक तेजी से शोरूम का रुख कर रहे हैं क्योंकि 3 अप्रैल से आयातित कारों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लागू होने वाला है। इस बढ़ती मांग को देखते हुए कार निर्माता कंपनियां तेजी से वाहन डिलीवर कर रही हैं, डीलर अपने स्टॉक का प्रबंधन करने की रणनीति बना रहे हैं। और Hyundai (ह्यूंदै) अपने सेल्स कर्मचारियों को इस मौके का पूरा फायदा उठाने के लिए प्रेरित कर रही है। इन टैरिफ का दीर्घकालिक असर क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन फिलहाल इनकी वजह से कारों की कीमतें बढ़ रही हैं और बाजार में अफरा-तफरी मची हुई है।

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Chevrolet Equinox EV - फोटो : General Motors
शोरूम में बढ़ती भीड़ और स्टॉक मैनेजमेंट
शेवरले डीलर डुआने पैडॉक के अनुसार, गाड़ियों की डिलीवरी अचानक दोगुनी हो गई है। जनरल मोटर्स ने उन्हें सिर्फ तीन दिनों में उतनी गाड़ियां भेज दीं, जितनी आमतौर पर एक हफ्ते में आती हैं। खासतौर पर शेवरले की Equinox, Trailblazer और Trax जैसी सस्ती गाड़ियां सबसे ज्यादा खरीदी जा रही हैं। क्योंकि ग्राहक कीमतों में संभावित बढ़ोतरी से पहले ही कार खरीद लेना चाहते हैं। अमेरिका में डीलरों के पास अभी औसतन 60 से 90 दिनों का स्टॉक है, जो शुरुआती टैरिफ प्रभाव से बचाव के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जब यह स्टॉक खत्म हो जाएगा, तब कंपनियों और ग्राहकों को टैरिफ का सीधा असर झेलना पड़ेगा।

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Ram 2500 Pickup Truck - फोटो : Ram Trucks
उद्योग में अनिश्चितता और बढ़ती कीमतें
इन टैरिफ्स के प्रभाव को लेकर उद्योग जगत असमंजस में है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ओहायो स्थित एक कार डीलरशिप ग्रुप के सीईओ रेट रिकार्ट का कहना है कि इन टैरिफ्स के चलते नई और पुरानी दोनों तरह की कारों की कीमतों में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी, लेकिन इसका स्तर क्या होगा, यह कहना मुश्किल है। पहले से ही कार डीलर बढ़ती ब्याज दरों और ऊंची कीमतों से जूझ रहे हैं, जिससे नई कार की औसत मासिक किश्त 600 डॉलर से ज्यादा हो गई है।

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Kia EV6 - फोटो : Kia
बिक्री में उछाल और आगे की संभावनाएं
पहली तिमाही के बिक्री आंकड़े जल्द ही जारी किए जाएंगे, और विशेषज्ञों का मानना है कि टैरिफ की आशंका के चलते मार्च में हुई ताबड़तोड़ खरीदारी ने इन आंकड़ों को बढ़ावा दिया है। हालांकि, अगर टैरिफ जारी रहते हैं, तो आने वाले महीनों में बिक्री में गिरावट आ सकती है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मुद्दे को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया और इसके बजाय अमेरिकी निर्मित कारों की लोन ब्याज दरों को टैक्स डिडक्शन के तहत लाने का सुझाव दिया। इस बीच, ह्यूंदै पहले ही अमेरिकी उत्पादन में 21 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा कर चुकी है। 

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Ram 2500 Pickup Truck - फोटो : Ram Trucks
डीलरशिप की रणनीतियां और नए चैलेंज
डीलर फिलहाल अपनी इन्वेंट्री और कीमतों को मैनेज करने की रणनीति बना रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्जीनिया के डीलर केविन फैरिश के अनुसार, Stellantis (स्टेलेंटिस) ने पहले ही मेक्सिको में बने Ram पिकअप ट्रकों के उत्पादन को बढ़ा दिया था, जिससे डीलरों के पास फिलहाल अच्छी मात्रा में स्टॉक मौजूद है। वहीं, ह्यूंदै के आंतरिक मेमो में डीलरों को इस कीमत बढ़ोतरी को एक रिकॉर्ड-ब्रेकिंग सेलिंग अवसर के रूप में देखने की सलाह दी गई है। हालांकि यह भी माना गया कि इस स्थिति के आगे क्या प्रभाव होंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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Ford Bronco - फोटो : Ford
बढ़ती कीमतों से ग्राहकों की चिंता
नई कारों की कीमतों में बढ़ोतरी होने से पुरानी कारों की कीमतें भी बढ़ेंगी। इन टैरिफ्स का असर 240 अरब डॉलर के व्यापार मार्ग पर पड़ेगा, क्योंकि पिछले साल अमेरिका में बिकने वाली 16 मिलियन गाड़ियों में से लगभग आधी आयातित थीं। 3 मई से, यह टैरिफ इंजन, ट्रांसमिशन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसी प्रमुख ऑटोमोबाइल पार्ट्स पर भी लागू होगा, जिससे लागत और अधिक बढ़ सकती है। जेपी मॉर्गन चेस के विश्लेषकों का अनुमान है कि कीमतों में औसतन 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, जिससे कई खरीदारों के लिए नई कार खरीदना और भी मुश्किल हो जाएगा।

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Ford Electric Car - फोटो : Ford
ग्राहकों की खरीदारी पर असर
अमेरिकी कंज्यूमर कॉन्फिडेंस (उपभोक्ताओं की विश्वास दर) मार्च में 12 प्रतिशत गिर गई, क्योंकि लोग आर्थिक अनिश्चितता को लेकर चिंतित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 77 वर्षीय कीथ वाल जैसे कई ग्राहक जल्दबाजी में कार खरीदने का फैसला कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कीमतें इतनी ज्यादा बढ़ जाएंगी कि वे कार खरीद ही नहीं पाएंगे। दूसरी ओर, डीलर डेविड केलेहर इस बात को लेकर चिंतित हैं कि मौजूदा स्टॉक खत्म होने के बाद मांग को कैसे बनाए रखा जाए।

कुल मिलाकर, अमेरिका में ऑटो उद्योग फिलहाल भारी उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। अगर ये टैरिफ लंबे समय तक जारी रहे, तो न सिर्फ कारों की कीमतें बढ़ेंगी, बल्कि बिक्री पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।

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