केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने कार निर्माताओं के लिए पिछली सीट बेल्ट के लिए अलार्म सिस्टम लगाना अनिवार्य बनाने के लिए मसौदा नियम जारी किए हैं। MoRTH ने इस बारे में जनता की राय मांगी है। अधिसूचना में कहा गया है कि मसौदा नियमों पर सार्वजनिक टिप्पणियां देने के लिए आखिरी तारीख 5 अक्तूबर है।
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सायरस मिस्त्री की कार
- फोटो : For Reference Only
हाल ही में एक कार दुर्घटना में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मौत के बाद भारत सरकार रियर सीटबेल्ट के इस्तेमाल को लागू करने पर विचार कर रही है। मिस्त्री एक लग्जरी एसयूवी की पिछली सीट पर बैठे थे और उन्होंने अपनी सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। इसे टाटा संस के पूर्व चेयरमैन की जानलेवा चोट के कारण के रूप में बताया गया था।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : अमर उजाला
भारत उन शीर्ष देशों में से एक है जहां हर साल सड़क दुर्घटनाओं के कारण खतरनाक रूप से बड़ी संख्या में मौतें और गंभीर चोटें आती हैं। सड़क हादसों में हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। इतना ही नहीं, पूरे भारत में हर साल सड़क दुर्घटनाओं के कारण कई लाख लोग गंभीर रूप से घायल या विकलांग हो जाते हैं। जहां सड़क हादसों में मुख्य रूप से दोपहिया वाहन शामिल होते हैं, वहीं सड़क हादसों में शामिल चौपहिया वाहनों की संख्या भी कुछ कम नहीं है।
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हादसे में क्षतिग्रस्त कार
- फोटो : Amar Ujala
हालांकि दुर्घटनाओं और इससे जुड़ी मौतों और चोटों की संख्या को कम करने की कोशिश में सरकार द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन, लोगों की जागरूकता के लिए अभी भी एक लंबा सफर तय करना है। पिछले साल विश्व बैंक के बयान के मुताबिक भारत में हर चार मिनट में एक व्यक्ति की मौत सड़क हादसों में होती है।
जब सुरक्षा प्रोटोकॉल की बात आती है, भारत में कार में बैठने वाले सभी लोगों के लिए सीटबेल्ट पहनना अनिवार्य है। हालांकि, कई लोग इन प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हैं, और विशेष रूप से कारों के पीछे के यात्री शायद ही कभी ऐसा करते हैं। उस पर लगाम लगाने के लिए इसे लागू करने की कार्रवाई भी बहुत ढीली है।