केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को एलान किया कि 2024 तक देश की सड़कें अमेरिकी सड़कों जैसी हो जाएंगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2024 के आखिर से पहले सड़कों का बुनियादी ढांचा अमेरिका की सड़कों के मानक के बराबर होगा। गडकरी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है और 2024-25 तक 5,000 अरब डॉलर का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) हासिल करने की तरफ लगातार अग्रसर है।
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National Highway
- फोटो : For Reference Only
भारत की सड़कें अमेरिका जैसी होंगी
दिल्ली में फिक्की के वार्षिक सम्मेलन और 95वें एजीएम को संबोधित करने के दौरान गडकरी ने कहा, "हम देश में विश्व स्तरीय सड़क ढांचा बना रहे हैं और आपसे वादा करते हैं कि साल 2024 के खत्म होने से पहले भारत की सड़कें अमेरिकी की सड़कों जैसी हो जाएंगी।" उन्होंने कहा, "हमारी रसद लागत एक बड़ी समस्या है। इस समय यह 16 प्रतिशत है, लेकिन मैं आपसे वादा करता हूं कि 2024 के आखिर तक हम इसे एक अंक तक ले जाएंगे, 9 प्रतिशत तक।"
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Automobile Sector
- फोटो : PTI
निर्यात बढ़ाने और आयात घटाने की जरूरत
उन्होंने कहा साल 2024-25 तक भारत 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था होगा। केंद्र सरकार लगातार विकास को हासिल करने के लिए वृद्धि और रोजगार को बढ़ावा दे रही है। गडकरी ने कहा कि साल 2030 तक वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों (SDG) को हासिल करने में भारत की बड़ी भूमिका होगी। गडकरी ने निर्यात बढ़ाने और आयात घटाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत सतत विकास हासिल करने के लिए निवेश, आर्थिक विकास और रोजगार पैदा करने को बढ़ावा देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का पालन करते हुए एक समावेशी भारत के निर्माण के रास्ते पर है। उन्होंने कहा, "हालांकि, हमें सभी हितधारकों के बीच सहयोग, समन्वय और संचार की जरूरत है।"
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Electric Car
- फोटो : Unsplash
ऑटोमोबाइल क्षेत्र को दोगुना करना लक्ष्य
इसके अलावा नितिन गडकरी की तरफ से लगातार इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऑटोमोबाइल क्षेत्र को दोगुना कर 15 लाख करोड़ रुपये करना है। यह नई नौकरियां पैदा करेगा और भारत को दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल निर्माताओं में से एक बना देगा। इसके अलावा, गडकरी ने बैटरी केमिस्ट्री में शोध का भी जिक्र किया और कहा, "हमें इस क्षेत्र में अग्रणी होना चाहिए।"
वैकल्पिक ईंधन पर जोर
गडकरी ने कहा, "हम वैकल्पिक, स्वच्छ और हरित ईंधन जैसे जैव एथनॉल, जैव-सीएनजी, जैव-एलएनजी और हरित हाइड्रोजन के विकास पर काम कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में निर्माण की लागत को कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "हम फ्लाई ऐश, तेल स्लैग, वेस्ट प्लास्टिक जैसे विकल्पों को अपनाकर निर्माण कार्य में स्टील और सीमेंट के इस्तेमाल को न्यूनतम करने का प्रयास कर रहे हैं।"