केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन CO2 उत्सर्जन को काफी हद तक कम कर सकते हैं। उन्होंने शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए ऑटो उद्योग को 2030 तक 50% बिक्री का लक्ष्य रखने की जरूरत पर जोर दिया।
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Union Minister Bhupender Yadav Graces SIAM Event
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि 2030 तक सभी वाहनों की बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत होनी चाहिए। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऑटोमोटिव क्षेत्र 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में सही रास्ते पर बना रहे।
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Electric Car Charging
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सोमवार को सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) द्वारा आयोजित सस्टेनेबिलिटी सर्कुलरिटी पर तीसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने यह भी कहा कि भारत अब कुछ देशों की जनसंख्या से ज्यादा कारों की वार्षिक बिक्री करता है। लेकिन यह उपलब्धि हवा को स्वच्छ और पर्यावरण को स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी के साथ आती है।
उन्होंने कहा, "वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर है... और अगर हम मिलकर काम करें, तो हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह पर्यावरण के लिए भी बुरी खबर न हो।"
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Electric Car Charging
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मंत्री ने कहा कि 2030 में कुल वाहन बिक्री में ईवी की बिक्री लगभग 35 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने कहा, "ऑटो सेक्टर को 2070 के शुद्ध शून्य लक्ष्य के साथ पटरी पर लाने के लिए, इस हिस्से को 50 प्रतिशत तक पहुंचने की जरूरत है।"
मंत्री ने कहा कि इस दशक के आखिर तक भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 10 मिलियन (एक करोड़) यूनिट्स तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे पांच मिलियन (50 लाख) नौकरियां पैदा होंगी।
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Electric Car Charging
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उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े से 2030 तक CO2 उत्सर्जन में पांच मीट्रिक टन की कटौती हो सकती है और 2050 तक यह कमी 110-380 मीट्रिक टन तक बढ़ सकती है।
यादव ने बताया कि हालांकि इलेक्ट्रिक वाहन पर्यावरण के अनुकूल हैं क्योंकि वे प्रदूषण नहीं फैलाते, लेकिन यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि उनकी बैटरियां बिजली से चार्ज होती हैं।