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Union Budget Expectations 2023: भारत में ईवी निर्माताओं की मांग, एक समान जीएसटी के साथ जारी रहे फेम-II सब्सिडी

Tue, 03 Jan 2023 03:43 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Electric Vehicles - फोटो : For Reference Only
Society of Manufacturers of Electric Vehicles (SMEV), सोसाइटी ऑफ मैन्युफैक्चरर्स ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (एसएमईवी) ने केंद्रीय बजट 2023 से अपेक्षाओं की अपनी सूची साझा की है जिसमें EV पार्ट्स पर जीएसटी टैक्स में एकरूपता के साथ-साथ FAME II योजना के तहत ईवी के लिए सब्सिडी का विस्तार शामिल है। SMEV हल्के वाणिज्यिक इलेक्ट्रिक वाहनों को भी FAME II योजना के तहत शामिल करना चाहता है, जिसमें इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स शामिल हैं। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए केंद्रीय बजट फरवरी के पहले हफ्ते में पेश किए जाएगा जिसे कई हफ्तों पहले ही एसएमईवी ने अपनी विश लिस्ट (इच्छाओं की सूची) पेश कर दी है। 
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electric cars
केंद्रीय बजट से अपनी अपेक्षा में, SMEV चाहता है कि EV निर्माताओं के लिए टैक्स को एक समान बनाने के लिए सभी EV पार्ट्स को भी 5 प्रतिशत GST ब्रैकेट में शामिल किया जाए। SMEV ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों पर उनके एक्स-शोरूम मूल्य पर 5 प्रतिशत GST लगाया जाता है, बैटरी को छोड़कर, उद्योग ईवी के स्पेयर पार्ट्स के लिए 28 प्रतिशत का भुगतान करता है। इसमें कहा गया है कि "इसलिए, अनुरोध है कि सभी ईवी स्पेयर पार्ट्स के लिए एक समान 5 प्रतिशत जीएसटी लगाया जाए।" 
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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया
SMEV ने एक प्रमुख EV बैटरी कंपोनेंट लीथियम-आयन सेल पर बुनियादी सीमा शुल्क को जीरो करने की अपनी इच्छा भी जताई है। एसएमईवी ने कहा, "देश के भीतर लिथियम-आयन सेल्स का निर्माण अभी भी अपनी प्रारंभिक अवस्था में है।" SMEV चाहता है कि जब तक भारत उन्हें स्थानीय स्तर पर बनाने के लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचा विकसित नहीं कर लेता, तब तक शुल्क कम से कम रहे। 

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For Reference Only - फोटो : सोशल मीडिया
SMEV यह भी चाहता है कि FAME II सब्सिडी को उसकी अंतिम तारीख 21 मार्च, 2024 से आगे बढ़ाया जाए। SMEV ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा, "हम मानते हैं कि FAME की वैधता को बढ़ाने की जरूरत है क्योंकि हम अभी तक उस पैठ को हासिल नहीं कर पाए हैं जो सब्सिडी से होनी चाहिए थी।" ईवी निर्माताओं के निकाय के मुताबिक, बाजार के रुझान बताते हैं कि भारत में ईवी सेगमेंट, खासतौर पर दोपहिया सेगमेंट, काफी तेज दर से बढ़ना जारी रख सकता है। इसके बाद सब्सिडी को टैप किया जा सकता है। 
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Electric Bus - फोटो : For Reference Only
SMEV यह भी चाहता है कि FAME II योजना का दायरा भारत के लिए हल्के वाणिज्यिक वाहनों, मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों तक बढ़ाया जाए ताकि अगले तीन से चार वर्षों में ट्रकों और बसों जैसे इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन को भी अपनाया जा सके। SMEV ने कहा, "प्रोजेक्ट मोड के आधार पर वाणिज्यिक वाहनों को शामिल करने के लिए FAME का दायरा बढ़ाएं। आज, ट्रक भारत की ईंधन खपत में 40 प्रतिशत से ज्यादा और सड़क परिवहन क्षेत्र में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का 40 प्रतिशत से ज्यादा का योगदान करते हैं।" 
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EV Charging - फोटो : Hero Electric
2022 में भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 200 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। बिक्री के मामले में लगभग 10 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ रिकॉर्ड वर्ष दर्ज किया गया। भारतीयों ने पिछले साल यात्री ईवी सेगमेंट में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के नेतृत्व में 9.99 लाख यूनिट इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे।
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