Car Driving
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कानून क्या साफ तौर पर अनुमति देता है?
भारतीय ट्रैफिक कानूनों के तहत पुरुष ट्रैफिक पुलिस अधिकारी किसी भी वाहन को रोक सकते हैं, चाहे उसे महिला ही क्यों न चला रही हो।
सभी राज्यों की पुलिस गाइडलाइंस में समान और निष्पक्ष प्रवर्तन पर जोर दिया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के वे निर्देश, जिनमें महिला अधिकारी की मौजूदगी की बात की जाती है, गिरफ्तारी या हिरासत से जुड़े मामलों पर लागू होते हैं, रूटीन ट्रैफिक चेक पर नहीं।
यानि वाहन रोकना, कागजात देखना या चालान काटना गिरफ्तारी नहीं माना जाता।
इसके अलावा, ASI रैंक या उससे ऊपर के ट्रैफिक अधिकारी ही ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन के कागज मांग सकते हैं या चालान जारी कर सकते हैं। और यह नियम भी ड्राइवर के लिंग से जुड़ा नहीं है।