भारत सरकार ने हाल ही में देशभर के पेट्रोल पंपों पर 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाए गए फ्यूल ई20 (E20) को लागू कर दिया है। सरकार का दावा है कि यह कदम कार्बन उत्सर्जन कम करने और क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ऊर्जा) को बढ़ावा देने के लिए है। लेकिन गाड़ियों के मालिक, खासकर पुराने वाहनों वाले लोग, इस फैसले से नाराज हैं। वजह साफ है - ई20 से उनकी गाड़ियों की परफॉर्मेंस और माइलेज पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है, ने साल 2025 तक E20 को लागू करने का लक्ष्य रखा था। लेकिन अब यह तय तारीख से पहले ही लगभग 90,000 पेट्रोल पंपों पर पुराने फ्यूल ऑप्शन E5 और E10 की जगह ले चुका है।
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