अगर आपको रोड ट्रिप का शौक है लेकिन टोल बूथ पर रुकना और बार-बार FASTag (फास्टैग) रिचार्ज करना झंझट लगता है, तो भारतीय सरकार आपके लिए एक आसान और किफायती विकल्प ला सकती है।
अगर आपको रोड ट्रिप का शौक है लेकिन टोल बूथ पर रुकना और बार-बार FASTag (फास्टैग) रिचार्ज करना झंझट लगता है, तो भारतीय सरकार आपके लिए एक आसान और किफायती विकल्प ला सकती है। सरकार निजी वाहनों के मालिकों को वार्षिक और आजीवन (15 साल) के लिए फास्टैग पास देने पर विचार कर रही है। इससे न सिर्फ टोल संग्रह में इजाफा होगा, बल्कि पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों (नेशनल हाईवे) और एक्सप्रेसवे पर टोल भुगतान प्रक्रिया को और भी आसान बनाया जा सकेगा।
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टोल प्लाजा
- फोटो : संवाद
क्या है यह नया प्रस्ताव?
सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि निजी वाहन मालिकों को 3,000 रुपये में वार्षिक पास खरीदने या 30,000 रुपये का एकमुश्त भुगतान कर 15 साल के लिए आजीवन पास लेने का विकल्प दिया जाए। हालांकि, ये पास सिर्फ एक वाहन के लिए मान्य होंगे, जिसका पंजीकरण नंबर उस टैग से जुड़ा होगा। ये पास संभवतः फास्टैग नेटवर्क से जुड़े रहेंगे।
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टोल प्लाजा
- फोटो : अमर उजाला
इसके क्या फायदे होंगे?
अगर सरकार ऐसे पास को आधिकारिक रूप से जारी करती है, तो इससे वाहन मालिकों और सरकार दोनों को कई फायदे होंगे। हालांकि मौजूदा समय में टोल संग्रह प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम हो गई है, लेकिन कुछ समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। कभी-कभी फास्टैग में बैलेंस की कमी से देरी होती है, और कुछ मामलों में अचानक कटौती की शिकायतें भी आई हैं। वार्षिक या आजीवन पास से पारदर्शिता बढ़ेगी और टोल प्लाजा पर ट्रैफिक का प्रवाह और भी सुगम हो जाएगा।
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टोल प्लाजा
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा, जो लोग अक्सर हाईवे पर यात्रा करते हैं, उनके लिए यह विकल्प ज्यादा सस्ता साबित हो सकता है। उदाहरण के लिए, दिल्ली से शिमला की यात्रा के दौरान टोल टैक्स लगभग 400 रुपये होता है, यानी आने-जाने का कुल खर्च 800 रुपये बैठता है। इसी तरह, दिल्ली से जयपुर की राष्ट्रीय राजमार्ग 21 के जरिए आने-जाने पर भी टोल 800 रुपये के करीब पड़ता है। अगर वार्षिक पास लिया जाए, तो राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के सभी टोल प्लाजा से असीमित यात्रा संभव हो सकेगी। जिससे सालभर के दौरान यात्रा की कुल लागत कम हो जाएगी।
सरकार को भी इससे टोल संग्रह में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। क्योंकि इससे प्रक्रिया आसान हो जाएगी और लोग हाईवे पर अधिक यात्रा करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
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टोल प्लाजा
- फोटो : अमर उजाला
किसे वार्षिक पास नहीं लेना चाहिए?
अगर आप अक्सर हाईवे यात्रा नहीं करते हैं, तो मौजूदा फास्टैग प्रणाली आपके लिए अधिक सुविधाजनक होगी। जिसमें जब जरूरत हो तभी रिचार्ज किया जाता है। अगर आप हर दूसरे महीने 1,000 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा नहीं करते हैं, तो वार्षिक या आजीवन पास लेना आर्थिक रूप से समझदारी नहीं होगी।
निष्कर्ष
वार्षिक और आजीवन फास्टैग पास उन लोगों के लिए एक फायदेमंद विकल्प हो सकता है, जो अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं। इससे टोल भुगतान प्रक्रिया आसान होगी, समय की बचत होगी और लागत भी कम हो सकती है। हालांकि, जो लोग कभी-कभी ही लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, उनके लिए मौजूदा फास्टैग रिचार्ज प्रणाली ही बेहतर है।